इस शहर की बसाहट पर डेनमार्क की आर्किटेक्ट फर्म बिग काम कर रही है। नए शहर में भूटान की पारंपरिक वास्तुकला की झलक देने के लिए यहां पर लकड़ी, बांस और पत्थरों का उपयोग कर निर्माण कार्य किए जाएंगे।

थिम्फू। भारत के पड़ोसी और मित्र देश भूटान में 1 हजार वर्ग किमी का नया ईको फ्रेंडली शहर बसाया जा रहा है। यह नया शहर भारत-भूटान सीमा के करीब गेलेफू में बसाया जाएगा। खास बात यह है कि इस शहर की बसाहट पर डेनमार्क की आर्किटेक्ट फर्म बिग काम कर रही है। नए शहर में भूटान की पारंपरिक वास्तुकला की झलक देने के लिए यहां पर लकड़ी, बांस और पत्थरों का उपयोग कर निर्माण कार्य किए जाएंगे। इस नए शहर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्‌डा, हाइड्रोइलेक्ट्रिक डेम, रेलवे स्टेशन और घूमने के लिए पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे। यह नया शहर भूटान की संस्कृति के विकास के साथ शोध का भी स्थान बनेगा।

बता दें कि भूटान के 70 फीसदी भूभाग पर जंगल बसा है। भूटान में 100 फीसदी जैविक खेती होती है। पर्यावरण संरक्षण के मामले में अग्रणी राष्ट्र होने के कारण भूटान को कार्बन न्यूट्रल देश का दर्जा मिला हुआ है।

हाइड्रोलिक डेम बनेगा पर्यटन केंद्र :
नए शहर में बन रहे हाइड्रोलिक डेम में संकोश मंदिर बनाया जाएगा। यहां मौजूद व्यू प्वाइंट से पर्यटक पहाड़ी क्षेत्र के नजारे देख सकेंगे। इस दौरान यहां बहने वाली 35 नदियों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इन नदियों पर बनने वाले अनोखे पुलों पर लोगों के लिए घर बनाए जाएंगे। इन पुलाें पर हेल्थकेयर सेंटर, विश्वविद्यालय और आध्यात्मिक केंद्र बनाए जाएंगे। साथ ही यहां पारंपरिक खेती भी की जाएगी। मूल रूप से इन नए शहर में लोग पारंपरिक रूप से ही रहेंगे।



नदियों के ऊपर से गुजरेगा एयरपोर्ट का रनवे :
इस नए शहर के एयरपोर्ट का रनवे नदियों के ऊपर से गुजरेगा। इतना ही नहीं लोग यहां का टर्मिनल लकड़ी का बनाया जाएगा। खेती का उपयोग कर यहां आने वाली बाढ़ काे रोका जाएगा। इतना ही नहीं वन क्षेत्र में रहने वाले जंगली जानवरों के लिए कॉरिडोर बनाए जाएंगे। शहर में सीवेज लाइन या टैंक नहीं होंगे। बल्कि ऐसी टेक्नोलॉजी का विकास होगा। भूमि सीवेज के पानी को सोख लेगी। ऐसे में शहर पूरी तरह से साफ और स्वच्छ बना रहेगा।

Harabhara Vatan

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