शहर में मौजूद 250 से 300 साल पुरानी ऐसी इमारतें जो रखरखाव के अभाव में अपनी रंगत खो चुकी हैं, जल्दी ही अपने पुराने वैभव के साथ नजर आएंगी। मप्र पुरातत्व विभाग और मप्र पर्यटन विभाग जल्दी ही इनकी रंगत लौटाने का काम करने वाले हैं।

भोपाल। शहर में मौजूद 250 से 300 साल पुरानी ऐसी इमारतें जो रखरखाव के अभाव में अपनी रंगत खो चुकी हैं, जल्दी ही अपने पुराने वैभव के साथ नजर आएंगी। मप्र पुरातत्व विभाग और मप्र पर्यटन विभाग जल्दी ही इनकी रंगत लौटाने का काम करने वाले हैं। इसके पहले सदर मंजिल और गौहर महल के भी पुराने वैभव को फिर से लौटाया गया है। पुरानी विधानसभा को भी फिर से संवारकर होटल में बदला गया है। ऐसे में इन इमारतों को फिर से संवारने की तैयारी की गई है। इसका लाभ यह होगा कि लोग शहर की पुरानी संस्कृति के बारे में जान पाएंगे। साथ ही इनसे शासन को राजस्व भी मिलेगा।

1. गोलघर में शोध कर सकेंगे लोग :
शाहजहांनाबाद स्थित गोलघर अगले कुछ वर्षों में शोध केंद्र में बदल जाएगा। मप्र पुरातत्व विभाग द्वारा 1869 में शाहजहां बेगम के कार्यकाल में निर्मित गोलघर का जीर्णोद्धार चार करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। जल्दी ही यह एक टूरिस्ट स्पॉट और शोध केंद्र के रूप में विकसित हो जाएगा। पुरातत्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस शोध केंद्र में 1958 से लेकर अब तक की ऐसी कलाकृतियों को संरक्षित किया जाएगा, जो खुदाई में मिली हैं और जगदीशपुर (इस्लाम नगर) स्थित किले में संरक्षित हैं। इनमें मिïट्टी के बर्तनों के टुकड़े, मिïट्टी, पत्थर, धातु के बने आभूषण, हाथी दांत, शंख, कांच, लाखवी, सिक्के, खिलौने सहित अन्य शिल्पों को सजाया जाएगा।

2. 21 करोड़ से संवरेगा 20 हजार वर्ग फीट में फैला मोती महल :
सदर मंजिल के पास मौजूद मोती महल को जल्दी ही म्यूजियम में बदला जाएगा। महल के 20 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में करीब 21 करोड़ रुपए की लागत से इस म्यूजियम को आकार दिया जाएगा और इस दौरान इमारत अपने पुराने स्वरूप में वापस लौटेगी। माना जा रहा है कि यह इमारत करीब दो साल में बनकर तैयार हो जाएगी। इसके लिए केंद्र से भी 15 करोड़ की सहायता मिलेगी। वहीं 6 करोड़ रुपए राज्य सरकार मिलाएगी। इस म्यूजियम में पाषाण युग के शैलचित्रों से लेकर प्राचीन मूर्तियां, सिक्के और उनकी प्रतिकृतियों को संरक्षित किया जाएगा। शहर के आसपास मौजूद पर्यटन स्थलों की जानकारी भी यहां मिल जाएगी।

3. फाइव स्टार होटल में बदलेगा ताजमहल :
शाहजहांनाबाद स्थित ताजमहल अगले कुछ सालों में एक फाइव स्टार होटल के रूप में नजर आएगा। मप्र पर्यटन विभाग ने पांच वर्ष पूर्व इसे होटल में बदलने की तैयारी शुरू की थी, लेकिन विभागीय सुस्ती के कारण यह काम धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। 1871 से 1884 तक 13 साल की अवधि में बनकर तैयार हुआ ताजमहल तीन एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। पूरी इमारत में आठ बड़े हॉल और 120 से ज्यादा आलीशान कमरे हैं। इसे संवारने के लिए पर्यटन विभाग विशेषज्ञों की सहायता ले रहा है, ताकि बिना किसी परेशानी इसके सभी काम पूरे किए जा सकें।

Updated On 29 Sep 2023 5:20 PM GMT
Harabhara Vatan

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