अगर आप राजस्थान घूमने के प्लान बना रहे हैं, ताे उदयपुर जाना बिल्कुल भी मत भूलना। उदयपुर में भी घूमने को बहुत से स्थान हैं। इन सभी जगहों पर जाकर आप राजपूतों के पुराने वैभव को आज भी महसूस कर सकते हैं।

अगर आप राजस्थान घूमने के प्लान बना रहे हैं, ताे उदयपुर जाना बिल्कुल भी मत भूलना। उदयपुर में भी घूमने को बहुत से स्थान हैं। इन सभी जगहों पर जाकर आप राजपूतों के पुराने वैभव को आज भी महसूस कर सकते हैं। वैसे तो उदयपुर में घूमने को बहुत सी जगहें हैं, लेकिन उदयपुर से 55 किमी दूर बांसवाड़ा रोड पर स्थित जयसमंद झील आपका मन मोह लेगी। यहां का शांत माहौल आपका मन मोह लेगा। जयसमंद झील में बोटिंग भी कर समते हैं। यहां राजपूतों द्वारा बनाई गई पुरानी इमारतें और मोहरें आपको साफ नजर आएंगी। अगर आप वन्य जीवन से प्रेम करते हैं, तो जंगल सफारी में भी जा सकते हैं। माना जाता हैं कि यहां वन्य जीवन अच्छी तरह फल फूल रहा है।

झील के बीचों बीच बना है लक्सरी रिजॉर्ट :
जयसमंद झील के पास पहाड़ी पर बसे हवामहल और रूठीरानी के महल तक ट्रैकिंग करके पहुंचा जा सकता है। यह जगह आपको जानी पहचानी सी लगेगी, क्योंकि यहां पर अक्सर कई फिल्मों की शूटिंग होती रही है। यहां से करीब 30 किमी दूर स्थित ईडाणा माता मंदिर में जाकर उस स्थान को देखा जा सकता है। जहां माता जी स्वत: ही हर साल 3 दिन तक तेज जलती हुई अग्नि में स्नान करती हैं। इसके अलावा जयसमंद झील के बीचों बीच स्थित टापू पर भी आप रुक सकते हैं। इस लक्सरी रिसोर्ट जयसमंद आइलैंड रिसोर्ट में रुकने के लिए आपको केवल नाव से ही आना-जाना पड़ेगा।

भीलवाड़ा से 100 किमी दूर है शिवजी की विशाल प्रतिमा :
कोरोन के दौरान चर्चा में आए भीलवाड़ा में बेहतरीन मारवाड़ी व्यंजनों का लुत्फ लिया जा सकता है। भीलवाड़ा से करीब 100 किमी की दूरी पर शिवजी की विशाल प्रतिमा स्थित है। माना जाता है कि यह विश्व की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा है। इसके साथ ही यहां पर शानदार बगीचा, भुलभुलैया, फूड कोर्ट, फव्वारे, ग्लासब्रिज, एडवेंचर पार्क, बंजी जंपिंग सब कुछ है। यहां घूमने में आपको पूरा दिन लग जाएगा। लौटते वक्त यह विशाल प्रतिमा आपको कई किमी दूर से भी दिखाई देगी। खाने पीने के शौकीन लोगों के लिए यहां की गलियों में रबड़ी, मावा, प्रसाद, पुदीना चाय जैसे कई व्यंजन हैं। यहां श्रीनाथ जी भगवान के भी दर्शन किए जा सकते हैं।

Harabhara Vatan

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