क्या आप भी मेलों में घूमने के शौकीन हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। दरअसल उदयपुर हवाला गांव में हर साल आयोजित होने वाला शिल्पग्राम मेला अपने आप में खास है

उदयपुर। क्या आप भी मेलों में घूमने के शौकीन हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। दरअसल उदयपुर हवाला गांव में हर साल आयोजित होने वाला शिल्पग्राम मेला अपने आप में खास है और यदि आप यहां जाने का मन बना चुके हैं, तो यह बातें आपको ध्यान रखनी चाहिए। शिल्पग्राम मेला उन लोगों के लिए है, जो ग्रामीण शिल्पकारी से प्रेम करते हैं। इसके अलावा यदि आप ग्रामीण परिवेश से भी लगाव रखते हैं, तो यहां आपके लिए बहुत कुछ है। यहां आपको बच्चों के लिए आकर्षक टेराकोटा के खिलौने देखने को मिलेंगे। जो आज के परिवेश में लगभग भुला दिए गए हैं। मेले की तरफ जाते समय आपको डूंगरपुर से चीख़ली और चीख़ली से सागवाड़ा के रास्ते मे, और लगभग हर गांव में बेलों को जोत कर गन्ने का रस निकालने वाली जर्की (चरखी) दिख जाती है वो शिल्पग्राम के मेले में कुछ लोगो के लिए कौतूहल का विषय था। जो लोग जिज्ञासावश उस जर्की/घाणी के साथ सेल्फी ले रहे थे ये मेला उनके लिए है।

मेले में रहेगा यह खास :
यदि आप एक कलाकार और कलाप्रेमी हैं, तो यह मेला आपके लिए ही है। यहां आप घर की सजावट के लिए बेहतरीन कलाकृतियां खरीद सकती हैं। यहां देश भर के शिल्पी पहुंचते हैं, जिसमें उत्तरी और पूर्वी भारत के ऊनी कपड़े, और ड्रायफ्रूट्स , यूपी के कालीन, बिहार की मिथला और मधुबनी प्रिंट के वस्त्र, आंध्रा और तमिलनाडु की साड़ियां, गोवा और कोस्टल इंडिया से शंखसीप के आइटम, राजस्थान की जूतियां और प्रिंटेड दरिया, कोफ्तगिरी, थेवा, ढले हुए हथियार और बर्तन जैसे अनेकों हस्तशिल्प की वस्तुएं मिल जाएंगी। यह मेला अक्सर दिसंबर माह में 10 दिनों के लिए लगता है

संभालकर रखना होगा टिकट :
शिल्पग्राम मेला 10 दिनों के लिए अक्सर दिसम्बर माह में लगता है। क्योंकि उदयपुर जैसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर साल में एक बार, सिर्फ 10 दिनों के लिए आयोजित होता है। मेले में भारी भीड़ होती है और हवा में रेत और मिट्टी के कण भी होते हैं। इसलिए हाईजीन का विशेष ध्यान रखें। मेले में एंट्री की फीस 55 रुपए है। टिकट का विशेष ध्यान रखना होगा, एक बार टिकट गुम गई और आप बाहर आ गए तो टिकट फिर से लेना होगा। कोशिश करें एक ही बार में आने सारे काम कर लें और फिर बाहर निकलें। खाने के लिए यहां बहुत सी चीजें हैं, बाजरे की रोटी, केर सांगरी, आबू की रबड़ी और कश्मीर का कहवे का यहां मजा लिया जा सकता है।

Updated On 28 Sep 2023 8:07 AM GMT
Harabhara Vatan

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