इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) के जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जुलाई में अमेरिका में निर्यात 10.4 फीसदी घटकर 1.44 अरब डॉलर रह गया।

नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत से रूस को इंजीनियरिंग सामान का निर्यात जुलाई में दोगुने से ज्यादा बढ़कर 12.36 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) के जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जुलाई में अमेरिका में निर्यात 10.4 फीसदी घटकर 1.44 अरब डॉलर रह गया। वहीं, देश से चीन को इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात जुलाई में 10 फीसदी घटकर 19.79 करोड़ डॉलर रह गया है। दुनियाभर के प्रमुख 25 देशों में भारत का इंजीनियरिंग उत्पादों का कुल निर्यात में 76 फीसदी योगदान देता है। इसमें से 14 देशों में सालाना आधार पर जुलाई में निर्यात में गिरावट देखने को मिली है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने देश से इंजीनियरिंग वस्तुओं का कुल निर्यात 6.62 फीसदी गिरकर 8.75 अरब डॉलर रह गया। एक साल पहले यह आंकड़ा 9.37 अरब डॉलर रहा था।

वैश्विक स्तर पर घटी मांग :
लौह, इस्पात और एल्युमिनियम की वैश्विक स्तर पर मांग घटने से निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है। ईईपीसी इंडिया का कहना है कि निर्यात में गिरावट के आंकड़ों को देखने से एक चुनौतीपूर्ण वैश्विक व्यापार माहौल का पता चलता है। इस दौरान पश्चिम एशिया, उत्तरी अफ्रीका, उत्तर-पूर्व एशिया और सीआईएस देशों को निर्यात में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिका सहित कई अन्य देशों ने रूस के साथ व्यापारिक संबंध लगभग खत्म कर लिए हैं, लेकिन इसके बाद भी भारत और रूस के बीच व्यापार बरकरार है और इसमें तेजी भी देखने को मिल रही है।

Updated On 27 Aug 2023 9:00 AM GMT
Harabhara Vatan

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