देश के केंद्रीय बैंक की बाधारहित कर्ज देने की पहल से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर कर्ज लेने वाले किसानों को 6 फीसदी की बचत हो रही है।

नई दिल्ली। देश के केंद्रीय बैंक की बाधारहित कर्ज देने की पहल से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर कर्ज लेने वाले किसानों को 6 फीसदी की बचत हो रही है। रिजर्व बैंक ने कहा, सार्वजनिक टेक प्लेटफॉर्म के लॉन्च से किसान और बैंक दोनों को राहत मिल रही है। रिजर्व बैंक कार्यकारी निदेशक अजय कुमार चौधरी ने कहा, अप्रैल में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तमिलनाडु और मध्यप्रदेश में शुरू किया गया था। 17 अगस्त से इसे चार और राज्यों महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक व गुजरात (डेयरी किसानों के लिए) में शुरू किया गया। पायलट योजना की शुरूआत सभी केसीसी धारकों को डिजिटल कर्ज देने से की गई। चौधरी ने कहा, इस पहल से समय की भारी बचत हुई है।

पहले एक किसान को बैंक में छह से आठ सप्ताह के चक्कर लगाने पड़ते थे। यह अब घटकर शून्य मिनट हो गया है। 17 अप्रैल को आरबीआई ने मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में प्रति ग्राहक 1.6 लाख रुपए तक के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण, डेयरी ऋण, बिना गारंटी के एमएसएमई ऋण, व्यक्तिगत ऋण और होम लोन जैसे शुद्ध खुदरा उत्पादों के लिए पायलट परियोजना शुरू की थी। इस प्लेटफॉर्म से केवल केवाईसी सत्यापन के बाद ही कर्ज मिल जाता है।

कॉल मनी मार्केट में डिजिटल रुपए की शुरुआत जल्द :
आरबीआई के कार्यकारी निदेशक अजय कुमार चौधरी ने रविवार को जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के मौके पर कहा, आरबीआई इस महीने या अगले महीने कॉल बाजार में थोक केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) की पेशकश करेगा। थोक सीबीडीसी की शुरूआत एक नवंबर, 2022 को हुई थी।

Updated On 11 Sep 2023 2:10 PM GMT
Harabhara Vatan

Harabhara Vatan

Next Story