रिलायंस इंडस्ट्रीज चिप निर्माण क्षेत्र में उतर सकती है। ऐसा होता है तो वेदांता सहित अन्य वैश्विक कंपनियों के साथ रिलायंस की टक्कर होगी। रिलांयस चिप की जरूरतों को पूरा करने और बढ़ती मांग का लाभ उठाना चाहती है।

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज चिप निर्माण क्षेत्र में उतर सकती है। ऐसा होता है तो वेदांता सहित अन्य वैश्विक कंपनियों के साथ रिलायंस की टक्कर होगी। रिलांयस चिप की जरूरतों को पूरा करने और बढ़ती मांग का लाभ उठाना चाहती है। रिलायंस चिप बनाने वाली ऐसी विदेशी कंपनियों के साथ बात कर रही है, जो उसके साथ तकनीकी भागीदार बन सकें। देश में अभी तक चिप निर्माण का कोई प्लांट नहीं है। वेदांता और फॉक्सकॉन चिप प्लांट के लिए साथ आए थे। लेकिन एक साल बाद कोई प्रगति नहीं होने पर सौदा टूट गया। अब दोनों अलग होकर आवेदन कर रही हैं। भारत का चिप बाजार 2028 तक 80 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जो अभी 23 अरब डॉलर है।

एनविडिया के साथ एआई के लिए करार
भारत में एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए रिलायंस ने एनविडिया के साथ भागीदारी की है। दोनों एआई बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए मिलकर काम करेंगी, जो भारत में सबसे तेज सुपरकंप्यूटर से भी ताकतवर है। एआई किसानों को मौसम की जानकारी और फसलों की कीमतें प्राप्त करने के लिए उनकी स्थानीय भाषा में मोबाइल से बात करने में मदद करेगी।

देश के 55 और जिलों में सोने की अनिवार्य हॉलमार्किं ग शुरू
सोने के आभूषणों एवं कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग का तीसरा चरण 16 राज्यों व एक केंद्रशासित प्रदेश के 55 जिलों में लागू हो गया है। इनमें यूपी के पांच जिले अंबेडकरनगर, इटावा, फैजाबाद, रायबरेली और बस्ती भी हैं। इसके साथ ही अब 343 जिलों में हॉलमार्किंग अनिवार्य हो चुका है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने अनिवार्य हॉलमार्किंग के तीसरे चरण का आदेश अधिसूचित कर दिया है। तीसरे चरण में बिहार में पूर्वी चंपारण समेत आठ जिलों के साथ आंध्र प्रदेश, यूपी व महाराष्ट्र के पांच-पांच जिले और तेलंगाना के चार जिले शामिल किए गए हैं। कीमती धातु की शुद्धता के प्रमाण के तौर पर हॉलमार्किंग 16 जून, 2021 तक स्वैच्छिक थी।

Updated On 9 Sep 2023 12:10 PM GMT
Harabhara Vatan

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