आईटी सेक्टर सैलरी इंक्रीमेंट और प्रमोशन रुकने से कर्मचारी परेशान हैं। ग्लोबल मंदी की आशंका के बाद आईटी सेक्टर में बड़ी कटौतियां की गई हैं। इंफोसिस सहित कई बड़ी आईटी कंपनियों ने इंक्रीमेंट और प्रमोशन पर रोक लगाई है।

नई दिल्ली। आईटी सेक्टर सैलरी इंक्रीमेंट और प्रमोशन रुकने से कर्मचारी परेशान हैं। ग्लोबल मंदी की आशंका के बाद आईटी सेक्टर में बड़ी कटौतियां की गई हैं। इंफोसिस सहित कई बड़ी आईटी कंपनियों ने इंक्रीमेंट और प्रमोशन पर रोक लगाई है। इंफोसिस ने इस साल देर से कुछ देरी से इंक्रीमेंट और प्रमोशन देने का फैसला किया है। जानकारी है कि सैलरी में भी केवल 10 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की गई है। कर्मचारियों को दिए गए प्रमोशन लेटर में मुश्किल समय में कंपनी का साथ देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया है।

हाइरिंग में भी नहीं दिखा रहीं दिलचस्पी :
इसके अलावा यह भी जानकारी है कि इस साल आईटी कंपनियां नई हाइरिंग पर भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहीं। बताया जा रहा है कि आईटी में लगभग एक साल की सुस्ती से इस तरह के हालात देखने को मिल रहे हैं। माना जा रहा है कि छह माह में हालात सुधरेंगे, लेकिन तब तक सावधानी बरती जा रही है। गौरतलब है कि आईटी कंपनियां हर साल 20 फीसदी तक वेतन वृद्धि करती हैं और प्रमोशन के दौरान 50 फीसदी तक सैलरी बढ़ाई जाती है। गौरतलब है कि आईटी कंपनियां अपनी इंकम का 60 फीसदी कर्मचारियों की सैलरी पर ही खर्च करती हैं। इतना ही नहीं नौकरी बदलने वालों को भी 20 फीसदी का ही फायदा मिला है, जबकि पहले यह फायदा करीब 40 फीसदी तक का होता था।

एआई के कारण भी हुआ नुकसान :
ऐसा भी बताया जा रहा है कि ऑटोमेशन और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस ने भी नौकरियों को नुकसान पहुंचाया है। वर्तमान में आईटी प्रोफेशनल की बड़ी चिंता एआई है। इसके पहले कोरोना महामारी के दौरान आईटी कर्मचारियों की मांग बढ़ी थी। पर अब हालात एक दम से बदल गए हैं।

Harabhara Vatan

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