आउटसोर्स कर्मचारियों को कलेक्टर रेट के आधार पर प्रतिमाह 10,600 रुपए वेतन मिलना था। लेकिन इस अवधि में कर्मचारियों को आउटसोर्स कंपनी पांच हजार से आठ हजार रुपए प्रतिमाह वेतन देती रही।

भोपाल। प्रदेश में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के वेतन में भी 62 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है। लंबे समय से वेतन के लिए जद्दोजहद कर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अगस्त 2019 से ही आउटसोर्स कंपनी के तहत काम कर रहे हैं। इस दौरान सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन की पूरी राशि जारी की, लेकिन वेंडर कंपनी ने कर्मचारियों को आधी अधूरी राशि बांट कर कर्मचारियों के वेतन के 62 करोड़ 73 लाख रुपए डकार लिए। गौरतलब है कि प्रदेश के तीन हजार से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से वेतन के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। इन कर्मचारियों को 2019 में कांग्रेस के शासन काल में रोगी कल्याण समिति से हटाकर आउटसोर्स कर्मचारी बना दिया था।

इस तरह हुआ वेतन घोटाला :
आउटसोर्स कर्मचारियों को कलेक्टर रेट के आधार पर प्रतिमाह 10,600 रुपए वेतन मिलना था। लेकिन इस अवधि में कर्मचारियों को आउटसोर्स कंपनी पांच हजार से आठ हजार रुपए प्रतिमाह वेतन देती रही। आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में प्रति कर्मचारी को औसतन 6500 रुपए वेतन मिला। ऐसे में यदि एक कर्मचारी प्रतिमाह 4100 रुपए का नुकसान हुआ है तो 51 माह की अवधि में तीन हजार कर्मचारियों के 62 करोड़ 73 लाख रुपए वेंडर कंपनी डकार गई। इसके अलावा भी यदि दस्तावेज खंगाले जाएं तो यह घोटाला और भी बड़ा हो सकता है, क्योंकि कई कर्मचारियों को 18 माह से वेतन पहीं मिला है, जिसके कारण कई कर्मचारी अपने परिवार का पालन पोषण नहीं कर पा रहे हैं।

सब जगह लगा चुके हैं गुहार :
हम विभाग से लेकर सरकार तक लगातार पत्र लिख चुके हैं। पूरा वेतन मिलना तो दूर कई कर्मचारियों को डेढ़ साल से वेतन ही नहीं मिला है।

- कोमल सिंह, अध्यक्ष, संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ

भोपाल से पैसा लेट मिलता है। हमारा भी पेंडिंग है, लेकिन हमने अक्टूबर तक का वेतन क्लीयर कर दिया है। सभी को वेतन योग्यता अनुसार दिया जा रहा है। कर्मचारियों को 9,166 रुपए तक दिए गए हैं। दूसरे जिलों में कितना वेतन है? इसकी जानकारी नहीं है।

- अनूप तोमर, सनशाइन सिक्योरिटी एजेंसी, ग्वालियर

कुशल , अर्ध कुशल कर्मचारियों को भी अलग-अलग वेतन देते हैं। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को भी इतना ही मिलता होगा।

- पंकज द्विवेदी, केएसएस सिक्योरिटी एजेंसी, पन्ना

Updated On 26 Nov 2023 5:10 PM GMT
Harabhara Vatan

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