सीआरआरटी या कन्टीन्युअस रोजल रिप्लेसमेंट वैरेपी एक प्रकार की रक्त शोधन चिकित्सा है। जिसका उपयोग उन रोगियों के साथ किया जाता है जो किडनी रोग वा इंजरी (एकेआई) का सामना कर रहे होते हैं।

भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल के चिकित्सकों ने सल्फास जैसे घातक जहर को भी बेअसर कर दिया। यहां पांच में से तीन व्यक्तियों की जान बचाई गई है। एम्स से मिली जानकारी अनुसार एम्स में सल्फास (एल्यूमीनियम फॉस्फाइड) जहर से प्रभावित पांच में से तीन मरीजों को कंटीन्यूअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (सीआरआरटी) द्वारा नया जीवन दिया गया। बता दें कि एल्युमीनियम फॉस्फाइड या सल्फास जैसे घातक जहर से बचना लगभग नामुमकिन होता है। एम्स के मेडिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (एमआईसीयू) के डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ ने सीआरआरटी द्वारा इस घातक जहर के खिलाफ लड़ाई में सफलता हासिल की। जिन मरीजों को नया जीवन मिला है उनमें 17 वर्षीय बालिका, 20 वर्षीय युवक और एक 44 वर्षीय व्यक्ति शामिल हैं। इन सभी मरीजों को जहर खाने के 12 घंटे के भीतर एम्स में इलाज के लिए लाया गया था। इन मरीजों में गंभीर मेटाबॉलिक एसिडोसिस था, जिसका पीएच स्तर 7.0 से नीचे था और सीरम लैक्टेट का स्तर 20 मिली मोल प्रति लीटर की सीमा में था। एम्स डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने एल्यूमीनियम फॉस्फाइड जहर के इलाज में सफलता प्राप्त करने पर एमआईसीयू टीम को बधाई दी।

ऐसे असर करता है सल्फास :
सल्फास (एल्यूमिनियम फास्फाइड) प्रभावी कीटनाशक है, जो आसानी से उपलब्ध है। जब यह रसायन नमी के संपर्क में आता है तो अत्यंत जहरीली फास्फीन गैस बनाता है, जो शरीर के सभी अंगों व कोशिकाओं को प्रभावित करती है। जहर असर करने पर उल्टी, प्यास, पेट में दर्द, सिरदर्द, पतला दस्त, काला मल, खून की उल्टी, सांस में अवरोध, गुर्दे का काम न करना, हृदय की गति असामान्य होना, बेहोशी और लहसुन या सड़ी मछली का गंध आने के लक्षण मिलते हैं। इस जहर को काट के लिए कोई दवा मौजूद नहीं है जिससे इलाज बेहद चुनौती भरा होता है।

क्या है रीनल थैरेपी :
सीआरआरटी या कन्टीन्युअस रोजल रिप्लेसमेंट वैरेपी एक प्रकार की रक्त शोधन चिकित्सा है। जिसका उपयोग उन रोगियों के साथ किया जाता है जो किडनी रोग वा इंजरी (एकेआई) का सामना कर रहे होते हैं। इस थैरेपी के दौरान, रोगी का रक्त एक विशेष फिल्टर से होकर गुजरता है जो तरल पदार्थ और दूरीमिक विषाक्त पदार्थों को निकालता है, और शरीर में स्वच्छ रक्त लौटाता है।

क्यों की जाती है यह थैरेपी :
निरंतर रीजल रिप्लेसमेंट थैरेपी एक विशेष प्रकार की डायलिसिस है जो आईसीयू में अस्थिर रोगियों के लिए की जाती है। जिनका शरीर नियमित डायलिसिस बर्दाश्त नहीं कर सकता है। इसे चार घंटे से अधिक करने के बजाय, रोगी से अपशिष्ट उत्पादों और तरल पदार्थ को धीरे-धीरे और लगातार साफ करने के लिए सीआरआरटी को 24 घंटे किया जाता है।

Updated On 13 Dec 2023 5:41 PM GMT
Harabhara Vatan

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