एम्स में कैंसर पीडि़त एक महिला को बैकीथेरेपी से ट्रीटमेंट देकर उसे ठीक करने में सफलता मिली है। बता दें कि कैंसर होने पर मरीज का वह हिस्सा अलग कर दिया जाता है

भोपाल। एम्स में कैंसर पीडि़त एक महिला को बैकीथेरेपी से ट्रीटमेंट देकर उसे ठीक करने में सफलता मिली है। बता दें कि कैंसर होने पर मरीज का वह हिस्सा अलग कर दिया जाता है, जहां कैंसर हुआ हो, लेकिन ब्रैकीथेरेपी में अंग को सुरक्षित रखा जाता है और ऐसा इलाज किया जाता है। जिससे शरीर का वह अंग ज्यों का त्यों रहे। एम्स भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार 32 वर्षीय महिला को होंठ का कैंसर था। महिला का ब्रैकीथेरेपी से उपचार किया गया, जिसके बाद वह अब पूरी तरह से स्वस्थ है। डॉक्टरों के अनुसार केवल सात दिन के इलाज में ही महिला पूरी तरह से स्वस्थ हो गई है।

तीन चार अन्य मरीजों का भी किया जा चुका है इलाज :
एम्स में इससे पहले इसी थेरेपी से तीन चार अन्य मरीजों का भी उपचार किया जा चुका है। बता दें कि प्रदेश में केवल चुनिंदा अस्पतालों में ही ब्रैकीथेरेपी की से इलाज की सुविधा उपलब्ध है। शासकीय अस्पतालों में केवल एम्स भोपाल में ही इस थेरेपी से इलाज किया जाता है। एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने पूरी टीम को इस कार्य के लिए बधाई दी है।

सात माह से थी परेशान :
दमोह निवासी 32 वर्षीय महिला के निचले होंठ पर पिछले 7 महीनों से एक छाला था। दर्द के कारण महिला न भोजन कर सकती थी और न ही पानी पी सकती थी। लगातार डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद पता चला कि होंठ में कैंसर हो गया है। तब सबकी सलाह पर भोपाल एम्स आकर दिखाया। यहां रेडियोथेरेपी विभाग के डॉक्टरों ने महिला का परीक्षण कर ब्रैकीथेरेपी से इलाज करने का फैसला किया। डॉ. विपिन खराड़े ने रेडियोथेरेपी विभाग के प्रो. डॉ. मनीष गुप्ता और डॉ. एस दास के मार्गदर्शन में महिला का इलाज शुरू किया और एक हफ्ते बाद ही महिला के होंठ का कैंसर पूरी तरह से ठीक हो गया। वहीं आयुष्मान योजना के कारण महिला का खर्चा भी नहीं हुआ।

क्या है ब्रैकीथेरेपी :
बता दें कि ब्रैकीथेरेपी कैंसर के इलाज का सबसे आधुनिक तरीका है। इसमें रेडिएशन सोर्स को ट्यूमर के अंदर या उसके पास रखते हैं। इसमें उपयोग किए जाने वाले ज्यादातर रेडिएशन सोर्स कम ऊर्जा वाली गामा किरणों को उत्सर्जित करते है। इस कारण इसमें ट्यूमर के आस-पास वाले अंग सुरक्षित रहते हैं। जबकि अन्य इलाज में कैंसर ग्रस्त हिस्से या ट्यूमर को इलाज कर निकाल दिया जाता है और प्लास्टिक सर्जरी से अंगों को ठीक किया जाता है।

Updated On 26 Oct 2023 4:41 PM GMT
Harabhara Vatan

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