कमिश्नर ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि सभी बड़े वाहनों की पीयूसी जांच को अनिवार्य किया जाए। शहर में पीयूसी की संख्या बढ़ाई जाए।

भोपाल। दीपावली के बाद आतिशबाजी के कारण शहर में प्रदूषित हुई हवा अब तक जहरीली बनी हुई है। सोमवार को इसी समस्या को देखते हुए कमिश्नर भोपाल डॉ. पवन शर्मा ने कलेक्टर भोपाल आशीष सिंह और नगर निगम आयुक्त फ्रेंक नोबल ए को तलब कर इस समस्या से निपटने के लिए तत्काल पहल करने के निर्देश दिए। इस दौरान अन्य निर्माणाधीन एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद थे।

बता दें कि दीपावली को रात को शहर का प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ गया था और 12 और 13 नवंबर की रात शहर में अब तक की सबसे प्रदूषित रात थी। प्रदूषण का स्तर इस दौरान खतरे के निशान को भी पार कर गया था। इसके बाद से ही लोग प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। इसके अलावा कोलार सिक्स लेन के निर्माण कार्य के चलते भी हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है।

सभी वाहनों का पीयूसी अनिवार्य हो :
कमिश्नर ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि सभी बड़े वाहनों की पीयूसी जांच को अनिवार्य किया जाए। शहर में पीयूसी की संख्या बढ़ाई जाए। भोपाल की सभी सीमाओं से गुजरने वाले वाहनों की पीयूसी जांच अनिवार्य हो, ताकि ठंड के दिनों में शहर की हवा को प्रदूषित होने से रोका जाए। साथ ही सभी पेट्रोल पंप पर पीयूसी संचालित करने के लिए भी कहा है।

जिन जगहों पर निर्माण कार्य वहां लगानी होगी नेट :
कमिश्नर ने सभी निर्माण साइट्स पर हरी नेट लगाने के निर्देश दिए। दरअसल ठंड के दिनों में धूलकण हवा के सघन हो जाने के कारण नीचे ही बने रहते हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ता है। ऐसे में इन कणों को हवा में जाने से रोकने के लिए हरी नेट लगाई जाती है। साथ ही प्रदूषण के स्तर को मानक बनाए रखने के लिए समय-समय पर पानी का छिडक़ाव भी किया जाए। सभी तरह के ईंधन से होने वाले धुएं के स्रोत की जानकारी रखें। साथ ही खुले में कचरा जलाने पर सख्ती से पाबंदी लगाई जाए।

जरूरी हों तो लगाएं धारा 144 :
कमिश्नर ने कलेक्टर भोपाल से कहा है कि इसके बाद भी यदि स्थितियां न सुधरें तो शहर में धारा 144 लागू कर जरूरी पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक को सुधारने के लिए शहर में चल रहे सभी बड़े प्रोजेक्ट्स का तत्काल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों में अपनाए जाने वाले पर्यावरण मानकों का पालन कराने के निर्देश दिए।
आम नागरिकों से अपील की है कि वे बेवजह कचरे में आग न लगाएं और आवश्यक निर्माण कार्य भी सभी तरह की सावधानियों के साथ करें। पराली जलाने के मामलों में किसानों के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

Updated On 20 Nov 2023 4:50 PM GMT
Harabhara Vatan

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