राजधानी भोपाल में दिनों दिन डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस बार शहर के हर इलाके में डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो रही है। इस साल अभी तक कुल 790 मरीज डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। आपको बता दें पिछले साल भोपाल में डेंगू के कुल 675 मरीज मिले थे।

भोपाल। राजधानी भोपाल में दिनों दिन डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस बार शहर के हर इलाके में डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो रही है। इस साल अभी तक कुल 790 मरीज डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। आपको बता दें पिछले साल भोपाल में डेंगू के कुल 675 मरीज मिले थे। जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस बार डेंगू का प्रकोप ज्यादा है। बता दें कि इस बार लोगों को बिना बुखार के डेंगू की पुष्टि हो रही है। राजधानी भोपाल में बिना बुखार के डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो रही है। इस दौरान मरीजों की प्लेटलेट्स लगातार कम होती चली जाती है। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे मरीज मिल रहे हैं जिनमें बुखार के लक्षण नहीं हैं फिर भी उसको थकान और गर्माहट का एहसास हो रहा है। जब ब्लड की जांच की जा रही है तो उसमें डेंगू के लक्षण पाए जा रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी भी परेशानी होने पर तुंरत डेंगू की जांच कराएं।

अचानक हुआ हाथ पैर में दर्द :

टीला जमालपुरा पर रहने वाले 35 वर्षीय दीपक कुमार को अचानक ही कमजोरी महसूस हुई और हाथ पैरों में तेज दर्द होने के बाद जब उन्होंने डेंगू की जांच कराई, तो वे डेंगू पॉजिटिव निकले। पांच दिन तक निजी अस्पताल में रहने के बाद वे पूरी तरह से स्वस्थ हुए।

दो दिन अस्पताल में रहने के बाद हुई डेंगू पुष्टि :

शाहजहानाबाद में रहने वाली 38 वर्षीय महक को चक्कर आने के बाद अस्पताल में एडमिट कराया गया। एक दिन बाद तबियत बिगड़ने पर डेंगू जांच कराई गई। पुष्टि होने के बाद उनका इलाज शुरू किया गया।

सर्दी बढ़ते ही कम होता है डेंगू का प्रकोप :

जैसे जैसे सर्दी बढ़ रही है, डेंगू का प्रकोप लगातार कम हो रहा है। हालांकि खतरा अभी भी पूरी तरह से टला नही है। ऐसे में सीएमएचओ डाॅ. प्रभाकर तिवारी ने लोगों से अपील की है कि वे अब भी एहतियात बरतें। डॉ. तिवारी ने रात के समय पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर सोने, कूलर और गमलों में जलभराव न होने देने, पानी की टंकियों में खाने का तेल डालने, मच्छरदानी का प्रयोग करने को कहा है।

Harabhara Vatan

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