हार्ट अटैक के दौरान सीने में दर्द की बजाय गर्दन और जबड़े में भी दर्द के लक्षण देखे जाते हैं। ठंडा पसीना आना, पेट में दर्द, चक्कर, सांस लेने में तकलीफ, मितली, अत्यधिक थकान महसूस होना।

भोपाल। बीते कुछ समय से हार्ट अटैक के मामलों में खासा इजाफा हुआ है। खासकर युवावस्था में हार्ट अटैक में मौत के मामले अचानक बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड, अनियमित जीवन शैली जैसे मामलों के साथ हार्ट अटैक के दर्द को पहचान न पाना भी मौत का बड़ा कारण है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ आम आदमी ही नहीं जिला अस्पतालों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी काम करने वाले चिकित्सक और अन्य स्टाफ हार्ट अटैक और सामान्य दर्द में अंतर नहीं कर पाते। यही कारण है कि कई बार अस्पताल पहुंचने के बावजूद पर्याप्त इलाज न मिलने के चलते मरीज की मौत हो जाती है। अब ऐसे मामलों में मौत का आंकड़ा कम करने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन यानी एनएचएम ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन कर रहा है। इसके तहत अब प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डाक्टरों को तैयार किया जाएगा। जिससे वो हार्ट अटैक के मरीजों को उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में देने के बाद रैफर कर सकें।
इसमें डाक्टरों- नर्सों को लक्षण की पहचान कर उपचार के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें बताया जा रहा है कि किस स्थिति में मरीज को कौन से जीवनरक्षक दवाई देना है। इसके साथ प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक 12 चैनल ईसीजी मशीन और दवाओं की उपलब्धता कराई जाएगी।

हार्ट अटैक और सामान्य दर्द में अंतर :
इस मामले में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएस मीना कहते हैं कि गैस के दर्द और हार्ट अटैक वाले दर्द के बीच थोड़ा फर्क होता है। हार्ट अटैक का दर्द सीने के बीच से आपके जबड़ों, गर्दन और बायीं तरफ हाथ में फैलता महसूस होता है। इस बीच किसी काम को करने या वजन उठाने से दर्द बढ़ जाता है। जबकि सामान्य दर्द या गैस के दर्द में ऐसा नहीं होता है। सामान्य दर्द और हार्ट अटैक के दर्द के बीच फर्क समझने के लिए आप अपने दोनों हाथों की उंगली को फंसाएं और लेटकर इसे अपने सीने पर रखें। अगर हार्ट अटैक का दर्द होगा तो आपको हाथ रखते ही ऐसा महसूस होगा कि मानो आपके सीने पर किसी ने भारी वजन रख दिया है। हार्ट अटैक का दर्द सीने में बड़ी जगह में फैला होता है। सामान्य दर्द में ऐसा नहीं होता। सामान्य दर्द एक स्थान पर भी हो सकता है और आप आसानी से एक उंगली रखकर इस दर्द के बारे में बता सकते हैं।

यह होते हैं हार्ट अटैक के सामान्य लक्षण :
हार्ट अटैक के दौरान सीने में दर्द की बजाय गर्दन और जबड़े में भी दर्द के लक्षण देखे जाते हैं। ठंडा पसीना आना, पेट में दर्द, चक्कर, सांस लेने में तकलीफ, मितली, अत्यधिक थकान महसूस होना।

सर्वे के अनुसार 24 प्रतिशत मामले होते हैं स्ट्रोक के
हेल्थ प्रोफाइल आफ इंडिया के एक सर्वे के अनुसार 24 प्रतिशत मरीजों की स्ट्रोक और 57 प्रतिशत हृदय संबंधित विकृतियों के कारण जान जाती है। ऐसे में मरीजों के अटैक आने या गंभीर बीमारी तक पहुंचने से पहले पहचान करना जरूरी है।

प्रदेश में हम 1445 पीएचसी और 353 सीएचसी के चिकित्सकों को ट्रेनिंग देंगे। इतना नहीं हार्ट अटैक से संबंधित प्राथमिक उपचार की दवाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके बाद जिले में स्ट्रोक और हार्ट अटैक से संबंधित दवाओं की उपलब्धता कराई जाएगी।

-डॉ. नमिता नीलकंठ, डिप्टी डायरेक्टर, एनएचएम मप्र

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