Donation of skin for the first time in Hamidia Hospital, wife took the decision after husband's death

भोपाल। अयोध्या नगर निवासी 62 वर्षीय सत्यदेव पाल के अंगों को जरूरतमंदों को दान किया जाएगा। उनकी धर्म पत्नी संध्या पाल ने शुक्रवार को पति की मौत के बाद उनके विभिन्न अंगों को जरूरतमंद लोगों को दान करने का निर्णय लिया, ताकि वे भी सुख से अपना जीवन यापन कर सकें। पाल की मृत्यु के बाद परिवार के लोगों ने उनकी कार्निया एवं त्वचा को दान करवाया है। यह पहली बार है जब हमीदिया अस्पताल में किसी व्यक्ति की त्वचा का दान किया गया है। डॉ. अरविंद उपाध्याय व सुपरवाइजर संजय तिवारी व सौरभ पांडे द्वारा अंगदान की प्रक्रिया पूरी की गई।

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से मिली जानकारी के बाद सीएमएचओ भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने हमीदिया अस्पताल और ऑर्गन डोनेशन सोसाइटी के डॉ. राकेश भार्गव से संपर्क कर अंगदान की प्रक्रिया पूरी करवाई।

ड्यूटी पर थीं पत्नी और आया हार्ट अटैक :
संध्या पाल ने बताया कि वे शुक्रवार को रोजाना की तरह स्वास्थ्य विभाग के नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में व्यस्त थीं। इसी दौरान घर पर उनके पति की हार्ट अटैक के कारण तबियत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें पास के निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पति की मौत के बाद दूसरों को भी जीवनदान देने संध्या पाल ने उनके अंगदान करने का निर्णय लिया।

भोपाल में अंगदान के तीन हजार से भी ज्यादा पंजीयन :
अंगदान के लिए भोपाल में तीन हजार से अधिक पंजीयन करवाए गए हैं। अंगदान में लीवर, किडनी, हार्ट, लंग्स, आंत, अग्नाशय, हड्डी, हार्ट वाल्व, त्वचा, कॉर्निया, कार्टिलेज, ब्लड वेसल्स को डोनेट किया जा सकता है। किसी व्यक्ति को डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद अंगदान किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त किसी व्यक्ति की मृत्यु होने के बाद परिजनों की इच्छा एवं सहमति के अनुरूप अंगदान करवाया जा सकता है। मृत्यु के बाद कई अंगों और उत्तकों को दान किया जा सकता है। यह अंग किसी अन्य व्यक्ति के शरीर में जीवित बने रहते हैं।

अंगदान के लिए लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से मिशन मोड में अंगदान जागरूकता एवं स्वपंजीयन करवाए गए थे। भोपाल जिले में मध्यप्रदेश में सर्वाधिक अंगदान शपथ के पंजीयन करवाए गए हैं।

- डॉ. प्रभाकर तिवारी, सीएमएचओ, भोपाल

Harabhara Vatan

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