भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में मिर्गी, दिमागी बुखार, दिमाग में सूजन जैसी कई बीमारियों के इलाज के लिए जरूरी माना जाने वाला ईईजी (इलेक्ट्रोइन्सेफलोग्राम) टेस्ट शुरू हो गया है।

भोपाल। भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में मिर्गी, दिमागी बुखार, दिमाग में सूजन जैसी कई बीमारियों के इलाज के लिए जरूरी माना जाने वाला ईईजी (इलेक्ट्रोइन्सेफलोग्राम) टेस्ट शुरू हो गया है। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव ने अत्याधुनिक ईईजी मशीन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस मशीन में वीडियो कैमरा भी लगा हुआ है। इससे जांच के दौरान मरीज की हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी और डॉक्टर को मरीज की बीमारी की असली स्थिति और उसका विश्लेषण करने में इससे बहुत मदद मिलेगी। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार मरीजों को ये सुविधा नि:शुल्क दी जाएगी। डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि ईईजी टेस्ट की सहायता से मस्तिष्क की सामान्य और असामान्य स्थिति का पता चलता है। ईईजी टेस्ट का प्रयोग कई प्रकार के मस्तिष्क के विकारों जैसे ब्रेन स्टोक, दिमागी बुखार, दिमाग में सूजन आदि की जांच के लिए किया जाता है। कई मानसिक बीमारियों जैसे साइकोजेनिक नॉन एपिलेप्टिव सीजर, न्यूरो डेवलपमेंट डिसऑर्डर, नार्कोलेप्सी आदि की जांच में भी इस मशीन का अहम योगदान है। इससे अस्पताल में आने वाले काफी मरीजों को लाभ होगा।

इस तरह काम करती है ईईजी :
इस तकनीक में पतले तारों की छोटी डिस्क, जिनको इलेक्ट्रोड भी कहा जाता है, मस्तिष्क के हर भाग पर लगाया जाता है। इन इलेक्ट्रोड की सहायता से मस्तिष्क में मौजूद न्यूरॉन्स की इलेक्ट्रिकल गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है। ये इलेक्ट्रोड तार के माध्यम से एक कंप्यूटर से जुड़े होते हैं, जिससे एक ग्राफ बनता है। इसे देखकर डाक्टर को मरीज का बीमारी का सही पता चलता है। उदाहरण के तौर पर जब मिर्गी का दौरा आता है, तो इसके परीक्षण के दौरान ईईजी की लाईनों में तेजी से उतार-चढ़ाव होने लगते हैं। ऐसे ही अलग अलग तरह की बीमारियों में अलग अलग तरह के ग्राफ बनते हैं।

Updated On 22 Oct 2023 2:01 PM GMT
Harabhara Vatan

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