आमतौर पर एक और लक्षण एसिडिटी के पेशेंट्स में सामने आ रहा है, वो है गले में खराश होना। ये एसिड रिफ्लक्स डिसीज के कारण हो रहा है, जिसमें भोजन को पचाने वाला एसिड आहार नली से होते हुए गले तक आ जाता है।

भोपाल। आजकल ज्यादातर लोग एसिडिटी की समस्या से पीड़ित हैं। खासकर युवावर्ग इस समस्या से ज्यादा पीड़ित है। लंबे समय तक एसिडिटी बने रहने के कारण लोगों को गंभीर बीमारियां तक हो जाती हैं। इस समस्या के लक्षणों और इससे कैसे बचें इसके बारे में बता रहे हैं, भोपाल के सीनियर होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. चंचल कुमार जैन। डॉ. जैन के अनुसार एसिडिटी में होम्योपैथी दवाएं पूरा आराम देती हैं। इससे बीमारी भी जड़ से समाप्त हो जाती है। एसिडिटी यानी पेट और सीने में जलन होना। आमतौर पर एक और लक्षण एसिडिटी के पेशेंट्स में सामने आ रहा है, वो है गले में खराश होना। दरअसल ये एसिड रिफ्लक्स डिसीज के कारण हो रहा है, जिसमें भोजन को पचाने वाला एसिड आहार नली से होते हुए गले तक आ जाता है। इस कारण सीने में तेज जलन और गले में खराश हो जाती है। इस समस्या से पीड़ित लोग अक्सर बिना डॉक्टर की सलाह के एंटासिड दवाएं लेना शुरू कर देते हैं। जिससे समस्या खत्म नहीं होती, बल्कि कुछ समय बाद बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और नई नई तकलीफें शरीर में शुरू हो जाती हैं। शरीर के अन्य अंगों पर भी इसका प्रभाव पड़ना शुरू हो जाता है।

तनाव कर रहा है युवाओं की लाइफ खराब :
एसिडिटी होने के अक्सर कई कारण होते हैं। लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण है स्ट्रेस। दरअसल भोजन के बाद इसे पचाने के लिए हमारे आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक एसिड रिलीज होता है। इसका काम हमारे भोजन को पचाना होता है, लेकिन जब इसका अत्यधिक स्त्राव होना शुरू हो जाता है, तो उसके कारण एसिडिटी होना शुरू हो जाती है। इसके मुख्य लक्षण है, सीने और पेट में जलन, खट्टी डकारें आना और मुंह तक खट्टा पानी आना।


खाना खाने के बाद सोना भी है खतरनाक :
वहीं एक दूसरा मुख्य कारण मोटापा है और जरूरत से अधिक खाने के कारण भी एसिडिटी की समस्या होती है। खाने के बाद सीधे सोने से भी ये समस्या होती है। खासकर वो लोग जो पैरों को मोड़कर सोते हैं। इस के कारण भोजन नीचे नहीं उतर पाता और एसिडिटी की समस्या हो जाती है।

धूम्रपान भी कर रहा हमारे पाचन तंत्र को खराब :
धूम्रपान के कारण भी लोगों में एसिडिटी की समस्या बढ़ रही है। असल में होता ये है कि दिमाग का जो हिस्सा एसिडिटी को रेगूलेट करता है। स्मोकिंग से वहां स्ट्रेस आता है और जिसके कारण आमाशय एसिड रिलीज करने लगता है। अल्कोहल, काफी, चाय और कोल्ड ड्रिंक भी कुछ इसी तरह का काम करते हैं। कोल्डड्रिंक के कारण आमाशय के वाल्व उल्टे खुलने शुरू हो जाते हैं और एसिड रिफ्लक्स की समस्या शुरू हो जाती है।

होम्योपैथी दवाएं देंगी 100 फीसदी आराम :
डॉ. जैन बताते हैं कि इस समस्या को पूरी तरह से खत्म करने के लिए सबसे पहले लाइफ स्टाइल सुधारना होगी। वहीं होम्योपैथी में ऐसी दवाओं की भरमार है, जो समस्या को जड़ से खत्म करेंगी। हालांकि इसके लिए किसी विशेषज्ञ होम्योपैथी डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। ताकि रोग के हिसाब से सही दवा दी जा सके।

इन उपायों को भी अपनाएं :
एसिडिटी को कंट्रोल करने के लिए सबसे पहले खान पान पर ध्यान दें। हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें। रात का भोजन 8 बजे तक कर लें, देर रात को भोजन न करें। एल्कलाइन चीजों का ज्यादा सेवन करें। इनमें पपीता, खीरा खाएं। कद्दू और लौकी की सब्जी खाएं। लौकी की जूस भी ले सकते हैं। इससे एसिडिटी पूरी तरह कंट्रोल हो जाएगी।

Updated On 22 July 2023 10:06 AM GMT
Harabhara Vatan

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