कमिश्नर ने अस्पताल की रोगी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और निरीक्षण के पूर्व गांधी मेडीकल कॉलेज में हुई बैठक के दौरान डीन डॉ. सलिल भार्गव, अधीक्षक डॉ. आशीष गोहिया और अन्य फैकल्टी चिकित्सक उपस्थित थे।

भोपाल। स्टेंट जैसे जीवनरक्षक उपकरण हमेशा ही स्टोर में उपलब्ध रहने चाहिए। कभी भी यह स्थिति न बने की अचानक से कोई हार्ट पेशेंट हमीदिया में आए और उसे इलाज के लिए स्टेंट ही न मिले। ऐसी स्थिति से हमेशा बचने की जरूरत है। सोमवार को भोपाल कमिश्नर डॉ. पवन शर्मा ने हमीदिया अस्पताल में समीक्षा करते हुए अधीक्षक को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टेंट का हर हाल में 10 दिन का स्टॉक रखना जरूरी है। इस दौरान कमिश्नर ने अस्पताल की रोगी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और निरीक्षण के पूर्व गांधी मेडीकल कॉलेज में हुई बैठक के दौरान डीन डॉ. सलिल भार्गव, अधीक्षक डॉ. आशीष गोहिया और अन्य फैकल्टी चिकित्सक उपस्थित थे।

इन जगहों का भी लिया जायजा :
कमिश्नर ने अस्पताल की कैथ लैब को सुचारू बनाए रखने के लिए स्टेंट का 10 दिन का स्टॉक रखने को कहा। उन्होंने सर्जरी, ऑर्थोपेडिक विभागों में जीवन रक्षक उपकरण और दवाईयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए। आउट सोर्स से तीन लेयर पैथालॉजी की सेवाएं एक सप्ताह में लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मर्चुरी विस्तार कार्य और कोल्ड रूम के निर्माण की स्थिति भी जानी।

सभी जरूरतों का रखा जाए ध्यान :
इस दौरान कमिश्नर ने मेडीकल स्टूडेंट के हॉस्टल में छोटी-छोटी जरूरतों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए। क्लासेस में स्मार्ट बोर्ड उपलब्ध करवाने को कहा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने सभी संसाधन अस्पताल के स्टॉक में हमेशा रखने को कहे। खराब उपकरणों के रखरखाव और बंद मशीनों को शुरू करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में बंद मिले छोटे इलेक्ट्रानिक उपकरणों को भी सुधारने के लिए प्रस्ताव देने को कहा।

Harabhara Vatan

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