आईआईटी पटना के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने कैंसर ट्यूमर का आसानी से इलाज करने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी एबलेशन मशीन बनाई है।

पटना। कैंसर का इलाज अब सस्ता हो जाएगा और हर व्यक्ति की पहुंच तक आ जाएगा। दरअसल आईआईटी पटना के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने कैंसर ट्यूमर का आसानी से इलाज करने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी एबलेशन मशीन बनाई है। बताया जा रहा है कि यह मशीन ट्यूमर का इलाज कर सेल को खत्म कर देगी, जिससे आगे कैंसर बढ़ने की संभावना ही नहीं रहेगी। मशीन को आईआईटी पटना के मेकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसरradio frequency ablation machineऔर एनआईटी सूरतकल के प्रोफेसर लक्ष्मी के नेतृत्व में करीब चार साल की रिसर्च के बाद बनाया गया है। जिसे बाद में तीन इंजीनियर, एक डॉक्टर और एक बायोलॉजिस्ट ने मिलकर साकार रूप दिया है। बता दें कि मशीन के लिए कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड और एनआईटी सूरतकल का सहयोग मिला है। वर्तमान में मशीन के पेटेंट के लिए आवेदन दिया गया है।


दर्दनाक इलाज से मिलेगी मुक्ति :
रेडियो फ्रीक्वेंसी एबलेशन मशीन नीडल के समान होती है। यह कैंसर के ट्यूमर की जगह पर लगाकर रखी जाती है। इस दौरान यह कैंसर सेल को गर्म कर मार देती है। डॉ. अजय ने बताया कि यह मशीन कैंसर के इलाज में एक क्रांति साबित होगी और इससे कैंसर का इलाज पचास फीसदी तक सस्ता हो जाएगा। वर्तमान में देश के एक या दो अस्पतालों में रेडियो फ्रीक्वेंसी एबलेशन सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। यह मशीन विदेशों से आयात की जाती है। इस कारण फिलहाल इस मशीन से इलाज का खर्च अधिक है। नए आविष्कार के बाद इसमशीन का इस्तेमाल कई बार होगा और यह भारत में ही उपलब्ध हो जाएगी। विदेश से यहा 15 लाख रुपए तक की कीमत में आती है, जबकि भारत में एक लाख रुपए में तैयार हो जाएगी।

डॉ. अजय के अनुसार वर्तमान में कैंसर का इलाज कीमो, रेडिएशन और सर्जरी के माध्यम से किया जाता है। यह खर्चीला भी होता है और शरीर पर खराब प्रभाव डालता है। कीमो में मरीज कमजोर हो जाता है और सर्जरी के बाद बाल झड़ना, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उसे परेशान करती हैं। ऐसे में मरीज मानसिक रूप से ठीक होने की इच्छा खत्म कर देता है, लेकिन इस मशीन से कीमो और सर्जरी की बहुत कम जरूरत पड़ती है। इससे कैंसर का दर्द कम हो जाता है और व्यक्ति जल्दी ही ठीक भी हो जाता है।

Updated On 12 Oct 2023 9:40 AM GMT
Harabhara Vatan

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