भोपाल के जेपी और हमीदिया अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में सांस की शिकायत के 30 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। विशेष रूप से अस्थमा, दमा और एलर्जी के मरीजों को संख्या बढ़ी है।

भोपाल। दीपावली के अवसर पर बढ़े प्रदूषण और अचानक से मौसम में हुए परिवर्तन के कारण शहर में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। भोपाल के जेपी और हमीदिया अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में सांस की शिकायत के 30 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। विशेष रूप से अस्थमा, दमा और एलर्जी के मरीजों को संख्या बढ़ी है। इसके कारण डॉक्टरों ने सांस के मरीजों के लिए एडवायजरी भी जारी की है। डॉक्टरों के अनुसार पहले से बीमार मरीजों को अधिक सावधानी रखने की जरूरत है और थोड़ी सी भी तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।

इस कारण बढ़ रहे हैं मरीज :
ठंड के दिनों में हवा के सघन हो जाने के कारण प्रदूषण ज्यादा ऊपर नहीं जा पता है और वायुमंडल में रात से लेकर सुबह 8 बजे तक प्रदूषण का स्तर अधिक रहता है। ऐसे में दमा, श्वास रोगी, एलर्जी और दिल के रोगी इस प्रदूषण के कारण गंभीर बीमार हो जाते हैं। दीपावली के बाद से ही मौसम अचानक ठंडा होना शुरू हो गया है। ऐसे में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। त्योहार पर की गई घर की साफ-सफाई के कारण धूल से होने वाली एलर्जी, पटाखों के धुएं और तेज आवाज के कारण बीमार हुए लोग भी डॉक्टर के पास इलाज कराने पहुंच रहे हैं।

डॉक्टरों के अनुसार इस समस्या के कारण क्रॉनिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के मरीज अभी और बढ़ सकते हैं। ऐसे में थोड़ी सी भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचने की सलाह दी जा रही है। लंबे समय से खांसी, सीने में तकलीफ और थोड़ा सा भी चलने पर सांस फूलने की शिकायत होने पर डॉक्टर की सहायता लेनी चाहिए।

इस तरह बचें बीमारियों से :
डॉक्टरों ने इस अवधि में बुजुर्गों और बच्चों को सुबह के समय घर से निकलने से मना किया है। वहीं ज्यादा ठंडी चीजों के सेवन से बचने की सलाह दी है। खासकर पहले से बीमार लोगों को विशेष सुरक्षा रखने की सलाह दी है। प्रदूषण वाले इलाके में जाते समय मास्क लगाने की भी सलाह दी गई है।

Updated On 18 Nov 2023 3:50 PM GMT
Harabhara Vatan

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