मुस्लिम पक्ष की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें उसने कोर्ट कमिश्नर की देखरेख में पिछले साल सर्वे के दौरान मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग का आदेश दिया था।

नई दिल्ली। ज्ञानवापी मस्जिद मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। मुस्लिम पक्ष की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें उसने कोर्ट कमिश्नर की देखरेख में पिछले साल सर्वे के दौरान मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट में आज दोनों पक्षों की ओर से दलीलें दी जाएंगी। उधर ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। कोर्ट इस मामले में 3 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगी।

रेडियो कार्बन डेटिंग क्या होती है :
कार्बन डेटिंग को रेडिया कार्बन डेटिंग के नाम से भी पहचाना जाता है। माना जाता है कि कार्बन डेटिंग से किसी जीवाश्म या पुरातत्व संबंधी वस्?तु की आयु की पुख्ता जानकारी मिल जाती है लेकिन असल में ऐसा नहीं होता है। इससे किसी भी वस्तु की सिर्फ अनुमानित उम्र ही पता चल पाती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, हर प्राचीन वस्तु पर समय के साथ कार्बन के तीन आइसोटोप आ जाते हैं, जो पृथ्वी की प्राकृतिक प्रक्रियाओं के कारण होते हैं। इनमें कार्बन-12, कार्बन-13 और कार्बन-14 शामिल हैं। कार्बन-14 के जरिये ही डेटिंग विधि का इस्तेमाल किया जाता है।

एएसआई सर्वे पर 3 अगस्त को आएगा फैसला :
वाराणसी की जिला अदालत ने हिंदू पक्ष की याचिका पर ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे का आदेश दिया था। सोमवार से ज्ञानवापी परिसर में एएसआई ने सर्वे भी शुरू किया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को हाईकोर्ट जाने को कहा था। मुस्लिम पक्ष की याचिका पर हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई पूरी हो गई है। हाईकोर्ट 3 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुनाएगा। वहीं जिला कोर्ट में एएसआई सर्वे को लेकर 4 अगस्त को सुनवाई होनी है। जिला कोर्ट ने 4 अगस्त तक एएसआई सर्वे पेश करने का आदेश दिया था।

मुस्लिम पक्ष ने दी ये दलील :
हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी की तरफ से पेश एडवोकेट एसएफए नकवी ने कहा कि उन्हें डर है कि सर्वे की रिपोर्ट को आधार बनाकर मस्जिद को ध्वस्त किया जा सकता है। उनका कहना था कि ज्ञानवापी विवाद से जुड़े मामले में अभी तक चार्ज फ्रेम तक नहीं हो सके हैं। लेकिन सर्वे का आदेश जारी कर दिया गया। उनका कहना था कि विवादास्पद जगह पर अरक के लोग कुदाल लेकर मौजूद दिखे। उनका कहना था कि सर्वे की मांग करने वाली याचिका जिन लोगों की तरफ से दायर की गई उनके पास ऐसा कोई सबूत नहीं है जो ये बता सके कि यहां मस्जिद से पहले मंदिर था। फिर कोर्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। अदालत का ऐसे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

Harabhara Vatan

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