चलती हुई ट्रेन में महिला को अचानक लेबर पेन होने लगा। इसके पहले की पति कुछ समझ पाता। आसपास की महिलाओं ने पति को डिलवरी की बात कही। इतने में ही ट्रेन में सफर कर दो युवाओं ने टीटीई को इस बात की जानकारी दी, जिसके बाद महिला के इलाज की व्यवस्था की गई।

भोपाल। चलती हुई ट्रेन में महिला को अचानक लेबर पेन होने लगा। इसके पहले की पति कुछ समझ पाता। आसपास की महिलाओं ने पति को डिलवरी की बात कही। इतने में ही ट्रेन में सफर कर दो युवाओं ने टीटीई को इस बात की जानकारी दी, जिसके बाद महिला के इलाज की व्यवस्था की गई। जानकारी के अनुसार 25 जुलाई को ट्रेन 22196 बांद्रा-झांसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस में जनरल टिकट पर स्लीपर कोच में सफर कर रहे भिंड निवासी शाहरूख खान की पत्नी शमीना बेगम को अचानक ट्रेन में ही प्रसव पीड़ा होने लगी। इसके बाद ट्रेन में सफर कर रही महिलाओं के कहने पर दो युवाओं ने ट्रेन के टीटीई रंजीत कुमार मीणा को इसकी जानकारी दी। यह पहली बार नहीं है इसके पूर्व भी भोपाल रेल मंडल द्वारा इस तरह के सराहनीय कार्य किए जाते रहे हैं।

ट्रेन में ही दिया बच्चे को जन्म :
मामले की गंभीरता को देखते हुए टीटीई मीणा ने तुरंत कमर्शियल कंट्रोल भोपाल को जानकारी देकर गाड़ी को पचोर स्टेशन पर रुकवाने का निवेदन किया। बता दें कि बांद्रा-झांसी सुपरफास्ट का पचोर में स्टॉपेज नहीं है। इसी बीच महिला की पीड़ा इतनी बढ़ गई कि आसपास के डिब्बों से सभी महिलाएं प्रसव पीड़िता के पास पहुंची और डिब्बे से पुरुषों बाहर किया गया और थोड़ी ही देर बाद महिला ने ट्रेन में ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे दिया।

एंबुलेंस से भेजा गया अस्पताल :
इसके बाद गाड़ी को पचोर स्टेशन पर रोका गया और पहले से ही मौजूद एंबुलेंस की सहायता से महिला को पचोर सरकारी अस्पताल में एडमिट कराया गया। खास बात यह रही कि सभी के सहयोग से महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। महिला के पति शाहरूख ने सभी का आभार मानते हुए भारतीय रेल को इस सेवा के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया। बता दें कि भारतीय रेल इन दिनों यात्री सेवाओं को लेकर उत्कृष्ट कार्य कर रही है, जिसकी लगातार प्रशंसा हो रही है।

Harabhara Vatan

Harabhara Vatan

Next Story