बरगद के पेड़ के कई औषधीय लाभ भी हैं। यदि कई शारीरिक समस्याओं में बरगद का उपयोग किया जाए तो इन समस्याओं से निश्चित ही छुटकारा पाया जा सकता है।

हराभरा वतन। बरगद के पेड़ की हिंदू धर्म में बहुत आस्था है। सनातन धर्म में इस पेड़ को पवित्र माना जाता है और ऐसी मान्यता है कि इस पेड़ में कई देवी देवताओं का वास होता है। कई मान्यताओं के अलावा बरगद के पेड़ के कई औषधीय लाभ भी हैं। यदि कई शारीरिक समस्याओं में बरगद का उपयोग किया जाए तो इन समस्याओं से निश्चित ही छुटकारा पाया जा सकता है। तो आईए जानते हैं बरगद के इन औषधीय गुणों को…

यदि बार बार आता हो पेशाब :

यदि बार बार पेशाब आने या ज्यादा पेशाब आने की समस्या हो, तो बरगद की छाल को सुखाकर इसका पाउडर बनाकर रख लें। रोजाना एक गिलास पानी में 2 चम्मच पाउडर को तब तक उबालना है, जब तक कि पानी आधा ना रह जाए। इस काढ़े को दिन में दो से तीन बार लेना है। इससे बार बार पेशाब आने की समस्या में लाभ मिलता है।

हाथ-पांव और जोड़ों के दर्द में पत्तों का करें उपयोग :

यदि हाथ-पांव और जोड़ो में लगातार दर्द बना रहता है और धीरे धीरे सूजन भी बढ़ रही हो, तो बरगद की ताजी पत्तियों पर तिल का तेल लगाने के बाद गर्म कर लेना चाहिए। इसके बाद इन पत्तियों से प्रभावित क्षेत्र में सिंकाई करना चाहिए। ऐसा करने से जोड़ों के दर्द और सूजन में लाभ मिलता है। तिल का तेल न होने पर बरगद के दूध को दर्द या सूजन से प्रभावित स्थान पर लगाना चाहिए। इससे काफी लाभ मिलता है।

चेहरे की झाइयां में ऐसे करें उपयोग :

यदि चेहरे पर झाइयां हो गई हों तो बरगद की ताजी मुलायम पत्तियों को नारियल के साथ अच्छे से पीस लेना चाहिए। इस लेप को प्रभावित स्थान पर अच्छे से लगाने से समस्या में लाभ मिलता है। इसके अलावा कान में दर्द होने पर बरगद के दूध की दो बूंदें दिन में दो से तीन बार कान में डालना चाहिए।

फटी एड़ियों में भी बरगद के दूध का करें उपयोग :

यदि एड़ियाें के फटने और रूखेपन की समस्या हो तो बरगद के दूध को रात में सोने से पहले एड़ियों पर अच्छे से लगाना चाहिए। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में एड़ियों का फटना बंद हो जाएगा।

Harabhara Vatan

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