यदि थोड़ी सी समझदारी दिखाई जाए तो आप घर बैठे ही सब्जियां उगा सकते हैं और हर महीने सब्जियों पर होने वाले खर्च को कम कर सकते हैं।

भोपाल। आज के समय में ऐसा कौन नहीं हैं, जो अपने परिवार को खतरनाक रासायनिक खाद और कीटनाशकों से बचाना नहीं चाहता, लेकिन ज्ञान न होने के कारण हम अपने परिवार को रासायनिक खाद, कीटनाशक और अन्य खतरनाक रसायनों से युक्त सब्जियां खिलाने को मजबूर हैं। लेकिन यदि थोड़ी सी समझदारी दिखाई जाए तो आप घर बैठे ही सब्जियां उगा सकते हैं और हर महीने सब्जियों पर होने वाले खर्च को कम कर सकते हैं।

इसके लिए आपको खेती के थोड़े से ज्ञान की आवश्यकता है। साथ ही आप अपने घर की खाली जगह, रूफ टॉप पर भी सब्जियों को उगा सकते हैं। यदि आपने एक बार सब्जियां उगाना सीख लिया तो आप हमेशा अपने परिवार को इसी तरह से ताजा सब्जियां खिला सकेंगे। इससे आपके सब्जियों पर खर्च होने वाले हजारों रुपए की बचत भी होगी। साथ ही हमेशा ताजा और आर्गेनिक सब्जियों का सेवन करने से आपकी सेहत भी सुधरने लगेगी।

कहां बन सकता है किचन गार्डन :
दरअसल जो लोग बागवानी का शौक रखते हैं, वह अपना कीमती समय किचन गार्डन में लगाकर ताजा व ऑर्गेनिक सब्जियां उगा सकते हैं। किचन गार्डन आप अपने घर के गार्डन, छत या फिर बालकनी की थोड़ी सी जगह में भी लगा सकते हैं। हालांकि आपको इस बात का ध्यान जरूर रखना है कि जहां आप किचन गार्डन तैयार कर रहे हैं। वहां रोजाना 6 से 7 घंटे धूप रहती हो। हालांकि किचन गार्डन को बनाते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि किचन गार्डन उतना ही बड़ा बनाएं जितने की आप देखभाल कर सकें।

किस तरह की सब्जियां उगाएं :
किचन गार्डन में कुछ सब्जियों को बहुत ही आसानी से उगाया जा सकता है। जिसमें मुख्य रूप से पुदीना, कड़ी पत्ता, हरा धनिया, तुलसी, मैथी और पालक जैसे सब्जियां शामिल हैं। इसके अलावा बहुत ही आसानी से अदरक, आलू, प्याज, पत्ता गाेभी, फूल गोभी, शिमला मिर्च, बीन्स, बैंगन, टमाटर, करेला, खीरा, लौकी, टिंडा, भिंडी ककड़ी गाजर और मूल को उगाया जा सकता है। साथ ही पेड़ पर लगने वाले फल जैसे पपीता, अमरूद, आम, केले और कटहल को भी उगाया जा सकता है, लेकिन इन सब सब्जियों और फलों को आप अपने घर में स्थित जगह, पानी और धूप को देखते हुए उगा सकते हैं।

किस तरह बनाएं अपने घर में किचन गार्डन :
किचन गार्डन को आप अपने घर के गार्डन या कच्ची जमीन पर बना सकते हैं, लेकिन शहरों में हर में गार्डन नहीं होता तो आप अपने घर की छत या बालकनी पर भी किचन गार्डन बना सकते हैं। आजकल वर्टिकल गार्डन का चलन भी बढ़ रहा है। इसे घर में कम जगह होने की स्थिति में बनाया जाता है। यदि आप घर के बगीचे में किचन गार्डन तैयार कर रहे हैं तो जहां पौधे लगाना चाहते हैं वहां एक एक फीट के गड्‌ढे खोदकर तीन से चार दिन के लिए छोड़ दें।

छत पर किचन गार्डन बनाने के लिए सबसे पहले पॉलीथिन बिछाकर चारों ओर से ईंटे लगा दें। इससे क्यारी तैयार हो जाएगी। कोशिश करें की पॉलीथिन में ज्यादा से ज्यादा छेद हों। इससे एक्सट्रा पानी निकल जाएगा। गमलों में यदि पौधे लगाने हों तो मिट्‌टी के चौड़े गमलों का ही उपयोग करें।

मिट्‌टी के गमलों का उपयोग ज्यादा बेहतर :
प्लास्टिक के गमलों का भी उपयोग कर सकते हैं। लेकिन बेहतर होगा कि मिट्टी के गमलाें का ही उपयोग करें, क्योंकि मिट्‌टी के गमलों से हवा हमेशा पास होती रहती है। मिट्‌टी के गमलों को कभी भी कैमिकल युक्त कलर पेंट से न सजाएं। इसके अलावा बाल्टी, मटका, ड्रम या डिब्बों का उपयोग आप अपनी सुविधा के अनुसार कर सकते हैं।

विशेषज्ञ से ले सकते हैं सलाह :
यदि आप कम जगह पर या फ्लैट में किचन गार्डन को विकसित करना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से सलाह भी ले सकते हैं। भोपाल के सलैया में स्थित द सैपलिंग्स प्रोफेशनल तरीके से किचन गार्डन विकसित करना सिखाते हैं। द सैपलिंग्स चलाने वाले आनंद पटेल की मानें तो बगीचे में तैयार होने वाले किचन गार्डन में कम खर्च आता है, लेकिन यदि छत या फ्लैट में किचन गार्डन बनाना चाहते हैं तो 15 से 25 हजार रुपए में बढ़िया किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं।

Harabhara Vatan

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