मनुष्य को सबसे बड़ी भूख एप्रिशिएशन (तारीफ) की होती है। आप लोगों को एप्रिशिएट करो। लोगों की कमी निकालने में समय बर्बाद न करें।

भोपाल। स्वास्थ्य अर्थात मेरी स्व अर्थात स्वयं में आस्था । यदि मेरी खुद में आस्था अर्थात विश्वास है, तो बीमारी से जल्दी ठीक होते हैं। यदि डर ज्यादा है, तो ब्लड दोनों पाव में आ जाता है। इससे इम्युनिटी कम हो जाती है, क्योंकि हमारी इम्युनिटीम आंतों पर ज्यादा आधारित रहती है। क्वांटम हीलिंग अर्थात एनर्जी से हील करें। इसके लिए रोजाना मेडिटेशन करें। इसके अलावा इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि शरीर से टॉक्सिन निकल जाते हैं, तो बीमारी नहीं होती। टॉक्सिन रुकेंगे तो बीमारी होगी। इसलिए लोग नेचुरोपैथी सेंटर जाकर खुद को डिटॉक्सीफाई करते हैं। यह विचार माउंट आबू से आए योग एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञ बीके डॉ. प्रेम मसंद ने ब्रह्माकुमारीज रोहित नगर में 'आपका स्वास्थ्य आपके हाथों में' विषय पर शिविर के पहले दिन व्यक्त किए। उन्होंने स्वस्थ रहने के टिप्स भी दिए।

इस दौरान उन्होंने लोगों को नकारात्मकता से दूरी बनाने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सबसे बड़ी भूख एप्रिशिएशन (तारीफ) की होती है। आप लोगों को एप्रिशिएट करो। लोगों की कमी निकालने में समय बर्बाद न करें। इस दौरान उन्होंने लोगों को स्वस्थ रहने के टिप्स दिए, जिनका पालन कर कोई भी पूरी तरह से स्वस्थ रह सकता है।

1. प्रातः जल्दी उठकर अपने मन मस्तिष्क को ऊर्जा से भरें। इसके लिए मेडिटेशन अच्छी तकनीक है।

2. प्रातः कुछ अच्छे विचारों का मन मे स्मरण करें। इससे दिन भर मन में अच्छे विचारों का ही संचार होगा।

3. जीवन में भय को न हावी होने दें। भय के कारण नकारात्मक हार्मोन पैदा होते हैं। जिसके कारण बीमारियां आती हैं।

4. मैं क्या खाऊं? उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मुझे क्या खा रहा है ?

5. जो मेरे मन को जो खा रहा, उसे ठीक करेंगे तो बीमारी ठीक होगी।

6. अनावश्यक धन संग्रह की प्रवित्ति भी नकारात्मक हार्मोन्स को शरीर मे संग्रहित करती है, जिसके कारण भी बीमारियां आती है।

7. जिंदगी के खेल को आपको खेलना है और जीतना है। कोई दूसरा आपकी जगह नही खेल सकता, अतः जिंदगी का खेल दिल खोलकर खेलें।

8. अपने कर्मों द्वारा बच्चों को शिक्षा दें। बच्चों को केवल किताबी कीड़ा न बनने दें।

9. जीवन मे आने वाले कठिन परिस्थितियों का धैर्य से सामना करें। धैर्य एवं विश्वास से कठिन से कठिन परिस्थितियों पर विजय प्राप्त किया जा सकता है।

10. दिनचर्या मे नकारात्मक एवं कमजोर शब्दों का प्रयोग न करें या कम से कम करें।

Harabhara Vatan

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