खराब लाइफ स्टाइल और तेजी से बदलते माहौल के बीच मानसिक विकारों के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा संचालित टेलीमानस हेल्प लाइन सर्विस से इसका खुलासा हुआ है।

भोपाल। खराब लाइफ स्टाइल और तेजी से बदलते माहौल के बीच मानसिक विकारों के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा संचालित टेलीमानस हेल्प लाइन सर्विस से इसका खुलासा हुआ है। एम्स की मानें तो पिछले एक वर्ष में मानसिक बीमारियों से पीड़ित 38 हजार से ज्यादा लोगों ने फोन कर अस्पताल से सहायता मांगी और पूरे प्रदेश के अस्पतालों में एक लाख से ज्यादा लोग मानसिक रोगों के इलाज के लिए पहुंचे। इनमें डिप्रेशन, एंजायटी सहित अन्य मानसिक समस्याओं से ग्रसित मरीज शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बने रहने वाली तनाव की समस्या उच्च रक्तचाप का भी कारण बन सकती है। इससे प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी और हृदय रोग जैसी समस्याएं बढ़ सकती है।

कोरोना के बाद शुरू हुई थी हेल्पलाइन :
कोरोना के बाद बढ़ी मानसिक समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार द्वारा 24 घंटे फ्री टेलीमानस हेल्पलाइन नंबर 14416 जारी किया गया है। इस पर मेंटल हेल्थ के डॉक्टरों को अपनी परेशानी बताई जा सकती है बल्कि समाधान भी लिया जा सकता है। जैसे ही कोई व्यक्ति 1800914416 नंबर पर कॉल करता है, उसकी कॉल संबंधित राज्य के टेलीमानस सेल में भेज दी जाती है और वहां नि:शुल्क रूप से डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है।

कई प्रकार की होती हैं मानसिक समस्याएं :

- ओसीडी
: पीड़ित व्यक्ति सफाई की और अधिक ध्यान देने लगता है। बार-बार हाथ धोना, बार-बार यह देखना कि दरवाजे बंद हैं या नहीं तथा बार-बार टायलेट जाना

- अवसाद : बेचैनी व घबराहट होने लगती है। व्यक्ति किसी से बात नहीं करता तथा अकेलेपन में रहना पसंद करता है। मन में आत्महत्या के विचार भी आते रहते हैं।

- मेनिया : पीड़ित बहुत ज्यादा खुश रहने लगता है तथा ऊंची-ऊंची बातें करने लगता है। व्यक्ति की उत्तेजना शक्ति व सेक्स पावर बढ़ जाती है। नींद भी कम आती है।

- नशे की लत : वास्तविक दुनिया से दूर होकर नशे में डूब जाता है। उसके लिए नशा ही सब कुछ होता है। उसे न परिवार की चिंता रहती है और न ही किसी अन्य परिजनों की।

- पागलपन : पीड़ित हर व्यक्ति पर शक करता है। तोड़-फोड़ करना, कपड़े फाड़ना इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं। पीड़ित को लगता है कि कोई उसे मारना चाहता है।

जेपी पहुंच रहे रोज 70 मानसिक रोगी :
जेपी अस्पताल के वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल शर्मा बताते हैं कि प्रतिदिन यहा 60 से 70 मानसिक रोगी पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या युवाओं की होती है। उनका कहना है कि तनाव के कारण ही मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इस तरह की समस्याओं से दूर रहने के लिए जरूरी है कि जिंदगी को तनावपूर्ण नहीं बल्कि खुशनुमा बनाया जाए।

Harabhara Vatan

Harabhara Vatan

Next Story