इन सबके बीच कलेक्टर भी कार्यालय नहीं पहुंच रहे, लोगों को उनसे मिलने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। यह स्थिति पिछले एक हफ्ते से बनी हुई है।

- कलेक्ट्रेट में चरमराई व्यवस्थाएं, काम के लिए चक्कर काट रहे लोग

- आमद के बाद भी नहीं हुई नए अधिकारियों की पोस्टिंग


भोपाल। भोपाल कलेक्ट्रेट और तहसीलों में व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं। लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए भी तहसीलों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हर तहसील में सीमांकन और नामांतरण के मामले पेंडिंग हैं। इसके लिए लोगों को तीन-चार माह तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में नए अधिकारी अगले सप्ताह से काम संभालना शुरू करेंगे।

ढाई माह से नहीं संत हिरदाराम नगर में तहसीलदार :
संत हिरदाराम नगर तहसील में तहसीलदार के न होने से लोगों के काम ढाई महीने से अटके हुए हैं। शहर की चार तहसीलों में बिना तहसीलदारों के काम काज हो रहा है। शनिवार को मोहर्रम के अवसर पर लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने वाले तहसीलदारों के न होने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाएं भी प्रभावित होंगी।


यह है मौजूदा स्थिति :
1. संत हिरदाराम नगर तहसील : तहसीलदार और अपर तहसीलदार की पोस्टिंग पेंडिंग है। जिसके कारण काम काम प्रभावित हो रहे हैं।
2. कोलार तहसील : यहां से तहसीलदार मनीष शर्मा को लगभग 10 दिन पूर्व रिलीव किया गया है। उनकी जगह पर किसी की पोस्टिंग नहीं हो सकी है।
3. हुजूर तहसील : यहां भी 10 दिन पहले तहसीलदार चंद्रशेखर श्रीवास्तव को रिलीव किया गया है। इसके कारण सभी काम पेंडिंग पड़े हुए हैं।
4. एमपी नगर तहसील : एमपी नगर तहसील में भी तहसीलदार की आमद नहीं हुई है।

एक तहसीलदार के कंधे पर शहर की व्यवस्था : वर्तमान में टीटी नगर तहसीलदार अवनीश मिश्रा के पास ही एमपी नगर, संत हिरदाराम नगर, कोलार और टीटी नगर का प्रभार है। हालांकि इस कारण सभी तहसीलों का काम काज प्रभावित हो रहा है।

यह काम हो रहे प्रभावित :
सीमांकन, नामांतरण, बटान, बटवारा और जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य कार्यों के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है।

चैक के लिए दो घंटे तक इंतजार करता रहा दिव्यांग :
तीन माह पूर्व हाई टेंशन से झुलसने के कारण 46 वर्षीय भागीरथ बागरी के दोनों हाथ पैर काटने पड़े थे। उन्होंने दो सप्ताह पूर्व जनसुनवाई में आर्थिक सहायता के लिए आवेदन दिया था, जिस पर कलेक्टर ने पांच हजार की आर्थिक सहायता मंजूर की थी। गुरुवार को दिव्यांग सहायता राशि का चेक लेने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचा। इस दौरान चेक पर नाम गलत होने के कारण उसे दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।


नोट: मामले में पूरी जानकारी के लिए कलेक्टर आशीष सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं आ सका।

Harabhara Vatan

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