शहर को वेटलैंड सिटी का दर्जा दिलाने के लिए भोपाल में 12 किमी क्षेत्र में मौजूद 69 वेटलैंड को चिन्हित करना होगा। इसरो के द्वारा बनाए गए मैप में भी इन सभी वेटलैंड का जिक्र है।

भोपाल। मास्टर प्लान की आपत्तियों के दौरान इस बात पर भी खुलकर चर्चा हुई कि शहर में मौजूद जलस्रोतों और पहाड़ों के साथ मिलकर ही विकास करना होगा। शहर को वेटलैंड सिटी का दर्जा दिलाने के लिए भोपाल में 12 किमी क्षेत्र में मौजूद 69 वेटलैंड को चिन्हित करना होगा। इसरो के द्वारा बनाए गए मैप में भी इन सभी वेटलैंड का जिक्र है। इन्हीं के आधार पर शहर को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। इस दौरान अरेरा कॉलोनी की पहचान कायम रखने और इसे कमर्शियल जोन न बनने देने के लिए यहां एफएआर को यथावत रखने की बात कही गई।

गांवों और कृषि भूमि को रहने दें यथावत :
वहीं मास्टर प्लान में सबसे ज्यादा विरोध बड़ी झील के 100 मीटर क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट एरिया में शामिल करने पर है। इसके कारण कई गांव और कृषि भूमि भी ग्रीन बेल्ट में आ रहे हैं। इस पर सुझाव देते हुए अर्बन एक्सपर्ट कमल राठी ने कहा कि गांव को यथावत रहने दें, जबकि तालाब के किनारे के किसी अन्य क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट को 100 मीटर से अधिक बढ़ा दें।

बारिश में जहां तक भरता है कोलांस का पानी, वहां न बनाने दें घर :
तेज बारिश के दौरान बड़ी झील की लाइफ लाइन कोलांस का पानी एक किमी क्षेत्र में फैल जाता है, ऐसे में इस फ्लड लैंड के अंदर किसी भी निर्माण या घर की अनुमति न मिले। नदी के आसपास के लगभग एक किमी क्षेत्र को फ्लड लैंड में शामिल करने की बात कही। साथ ही यदि किसी कारण बड़ी झील के कैचमेंट एरिया में निर्माण की अनुमति मिलती है, तो वहां पर बाउंड्री वॉल न बनें। इसके कारण जलभराव की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी।

तालाबों के आसपास हो सघन पौधारोपण :
निर्माण कार्य के दौरान शहर में कई जगहों पर पेड़ों की कटाई होती है। ऐसे में तालाबों के आसपास सघन वृक्षारोपण हो। इससे शहर की हरियाली विकसित होगी। तालाबों का संरक्षण होगा और पानी भी शुद्ध होगा। जैव विविधता भी बेहतर होगी। - शहर में मौजूद जलस्रोतों के साथ ही करना होगा विकास

- तालाब के 100 मीटर में मौजूद गांवों को यथावत रहने दें, दूसरी जगह बढ़ा दें हरित क्षेत्र

- कैचमेंट में निर्माण की अनुमति दें पर बाउंड्री वॉल न बनाने दें

मास्टर प्लान पर बहस के दौरान शहर को वेटलैंड सिटी का दर्जा दिलाने के लिए अपनी बात रखी। इससे शहर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, जिससे पर्यटन बढ़ेगा और निवेश की संभावनाएं भी होंगी।

- कमल राठी, अर्बन एक्सपर्ट

Updated On 30 Aug 2023 8:43 AM GMT
Harabhara Vatan

Harabhara Vatan

Next Story