भोपाल में 47 साल से शहर में जमीं डेयरियाें को 15 जनवरी तक शहर से बाहर करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। 2015 में 400 डेयरियां शहर के अंदर थीं, आठ साल बाद इनकी संख्या 750 के पार पहुंच गई है।

भोपाल। भोपाल में 47 साल से शहर में जमीं डेयरियाें को 15 जनवरी तक शहर से बाहर करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। 2015 में 400 डेयरियां शहर के अंदर थीं, आठ साल बाद इनकी संख्या 750 के पार पहुंच गई है। भोपाल से डेयरियों को बाहर करने की कवायद 1976 में की गई थी। इसके बाद बीच-बीच में भी डेयरियों को बाहर करने के प्रयास हुए, लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई। अब एक बार फिर डेयरियों को बाहर करने की मुहीम शुरू की जा रही है।

डेयरी संचालकों को नोटिस जारी :
नगर निगम द्वारा डेयरी संचालकों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिए गए हैं। नियमों का पालन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि शहर में नगर निगम कर्मचारियों की साठगांठ से ही डेयरियां संचालित हो रही हैं। महापौर मालती राय अक्टूबर 2022 में भोपाल को कैटल फ्री बनाने की पहल कर चुकी हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली। दूसरी ओर शहर के बाहर डेयरी संचालकों को जगह आवंटित की गई है, लेकिन बुनियादी सुविधाएं न होने के चलते संचालक शहर से बाहर जाने को तैयार नहीं हैं। नेहरू नगर में कलियासोत डैम के किनारे बड़ा डोम बनाकर भैंसे पाली जा रही हैं, लेकिन कार्रवाई के अभाव में पशु पालकों के हौसले बुलंद हैं। इन पशुओं के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हाेती हैं, जिनसे लोग परेशान होते हैं।

इन इलाकों चल रही हैं डेयरियां :
राजधानी भोपाल में शहर के अंदर भेल, शाहपुरा, बैरागढ़, लाऊखेड़ी, बेहटा गांव, बरेला गांव, करोंद, भानपुर, पटेल नगर, कल्याण नगर, छोला, शिव नगर, नवीन नगर, हिनौतिया, सेमरा कला, नरेला शंकरी, विजय नगर, इंद्रपुरी, अर्जुन नगर, सोनागिरी, गोविंदपुरा सी सेक्टर, जंबूरी मैदान, कालीबाड़ी, चांदबाड़, बागमुगालिया, बाग सेवानिया, एम्स के पास, शक्ति नगर, साकेत नगर, बावड़िया कला, नेहरू नगर, शबरी नगर, पंचशील नगर, शाहजहांनाबाद, मिलेट्री गेट सहित कई बस्तियों में झुग्गी बनाकर डेयरी संचालित की जा रही है।

Harabhara Vatan

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