रविवार शाम को ही पांच बजे एक बड़े व्यस्क मगरमच्छ ने ग्रीन बेल्ट एरिया से गाय को डैम में खींच लिया था और 26 जुलाई को भी रात के समय मुख्य मार्ग पर एक बड़ा मगरमच्छ आ गया था।

भोपाल। कलियासोत-केरवा में नियमों को ताक पर रखकर लोग देर रात तक प्रतिबंधित क्षेत्रों में घूम रहे हैं। रविवार देर रात लगभग एक बजे हराभरा वतन की टीम ने इस क्षेत्र का जायजा लिया, तो चंदनपुरा से एनएलयूआई तक जाने वाली सड़क के किनारे तीन जगहों पर चार पहिया वाहन खड़े दिखे। साथ ही रात के समय यहां एक तेज रफ्तार डंपर भी तेज रफ्तार से दौड़ते हुए मिला। एक जगह पर कुछ लोग डैम के किनारे फोटोग्राफी करते हुए भी मिले, जबकि कुछ समय से इस सड़क पर बड़े मगरमच्छों का मूवमेंट बढ़ गया है। रविवार शाम को ही पांच बजे एक बड़े व्यस्क मगरमच्छ ने ग्रीन बेल्ट एरिया से गाय को डैम में खींच लिया था और 26 जुलाई को भी रात के समय मुख्य मार्ग पर एक बड़ा मगरमच्छ आ गया था।

जिसे देखकर काफी देर तक ट्रैफिक थम गया था। यहां अक्सर बाघ, तेंदुआ, लोमड़ी और हिरण जैसे वन्य प्राणी भी देखे जाते हैं। ऐसे में डंपरों के कारण वन्य प्राणियों को खतरा हो सकता है। जबकि छोटे वाहनों पर घूमने वाले लोगों से डरकर वन्य प्राणी उन पर हमला भी कर सकते हैं। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रात को इस क्षेत्र में बड़े वाहनों का प्रवेश, देर रात बिना किसी कारण के खड़े होना और मोबाइल की टॉर्च या सर्च लाइट का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अधिकारियों के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने पर 10 साल तक की जेल या 25 हजार रुपए का जुर्माना या दोनों का ही प्रावधान है।

फ्लैश लाइट जलाकर की जा रही थी मोबाइल से फोटोग्राफी :
टीम जब एनएलयूआई से चंदनपुरा की ओर बढ़ी तो डैम के पास पानी के किनारे कुछ लोग बैठकर मोबाइल फोन से लगातार फोटो खींच रहे थे। इस दौरान फ्लैश लाइट का भी उपयोग किया जा रहा था। जबकि इसी जगह पर वन विभाग द्वारा पानी में मगरमच्छ होने की सूचना देने वाला बोर्ड लगा हुआ है। आगे पहाड़ी के किनारे भी कुछ युवा वाहन रोककर मौज मस्ती करते हुए दिखे। रात को एनएलयूआई की ओर वाला बेरिकेड भी खुला हुआ था। आगे चंदनपुरा और एक्सीलेंस स्कूल के आगे वाले बेरिकेड भी खुला हुआ मिला।

रात भर गश्त पर रहती है वन विभाग की गाड़ी :
इस पूरे क्षेत्र में रात भर वन विभाग की पेट्रोलिंग जीप गश्त पर रहती है। डैम या जंगल के आसपास से लोगों को लगातार हटाने के लिए वाहन गश्त करता रहता है। चौकीदारों के अनुसार कई बार लोग समझाने के बाद भी नहीं मानते हैं। ऐसे में पेट्रोलिंग गाड़ी आने के बाद लोग अपने वाहनों को हटाते हैं। यहां कुछ समय से ट्रैफिक बढऩे के कारण बैरिकेड नहीं लगाए जाते हैं, लेकिन बड़े वाहन प्रतिबंधित हैं। लेकिन कुछ डंपर चालक मनमानी करते हुए रात को भी इस जगह आ जाते हैं और तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं।

कोलार से चंदनपुरा होते हुए न्यू मार्केट के लिए रोजाना डंपर चल रहे हैं। वाहन चालक डीजल बचाने के लिए रात को भी इस क्षेत्र से निकल रहे हैं। शिकायत के बाद भी डंपर चालकों की मनमानी नहीं थम रही है।

- राशिद नूर खान, पर्यावरण कार्यकर्ता

प्रतिबंधित क्षेत्रों में देर रात तक खड़े होना या फोटोग्राफी पर मनाही है। गश्त के दौरान लोगों से इन क्षेत्रों में खड़े न होने के लिए कहा जाता है। नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाती है।

- आलोक पाठक, डीएफओ, सामान्य वन मंडल भोपाल

Updated On 2 Sep 2023 11:05 AM GMT
Harabhara Vatan

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