विधानसभा चुनाव के बाद भोपाल की सात विधानसभा सीटों पर चुनाव लडऩे वाले 96 उम्मीदवारों की मेहनत का नतीजा ईवीएम मशीनों में कैद हो गया है।

भोपाल। विधानसभा चुनाव के बाद भोपाल की सात विधानसभा सीटों पर चुनाव लडऩे वाले 96 उम्मीदवारों की मेहनत का नतीजा ईवीएम मशीनों में कैद हो गया है। इन मशीनों को अरेरा हिल्स स्थित पुरानी जेल परिसर में 15 दिनों तक तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। ईवीएम को जिन मशीनों में रखा गया है। सबसे पहले उनकी सुरक्षा सीसीटीवी कैमरों द्वारा की जा रही है। इसके बाद पैरामिलिट्री बल की टुकड़ी और भोपाल पुलिस के जवान इन मशीनों की सुरक्षा में लगा दिया गया है।

स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई हैं मशीनें :
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार मशीनों को त्रिस्तरीय कड़े सुरक्षा घेरे वाले स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है। भोपाल के 2049 पोलिंग बूथ से कड़ी सुरक्षा के बीच इन मशीनों को स्ट्रॉन्ग रूम में पैरामिलिट्री फोर्स और जिला पुलिस के 200 जवानों और सीसीटीवी की सुरक्षा में रखा गया है। अब इन मशीनों को 3 दिसंबर को मतगणना के दिन सुरक्षा के बीच निकाला जाएगा।

18 नवंबर की सुबह पहुंचा अंतिम ट्रक :
भोपाल में मतदान प्रक्रिया के पूरा होने के बाद 17 नवंबर को देर रात तक ईवीएम मशीने स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गईं। मशीनों को लेकर अंतिम ट्रक 18 नवंबर की सुबह को स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचा। पुलिस कमिश्रर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि मतदान प्रक्रिया के बाद ईवीएम को त्रिस्तरीय सुरक्षा के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है। यहां पैरामिलिट्री के जवान, दो राजपत्रक अधिकारियों सहित स्थानीय बटालियन पुलिस के जवान 8-8 घंटे की तीन शिफ्ट में सुरक्षा व्यवस्था को संभाले हुए हुए हैं।

Harabhara Vatan

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