स्थाईकर्मी लगभग तीन दशक से खाकी वर्दी की मांग कर रहे हैं। विभाग द्वारा तीन दशक बाद वर्दी की मांग तो मानी गई, लेकिन इस दौरान कर्मचारियों को ऑलिव ग्रीन कलर की वर्दी देने के आदेश जारी किए गए हैं।

भोपाल। भोपाल सामान्य वन मंडल सहित फाॅरेस्ट के अन्य कार्यालयों में काम करने वाले 788 स्थाईकर्मी लंबे समय से खाकी वर्दी की मांग कर रहे हैं। दरअसल इन कर्मचारियों के जिम्मे विभाग के कई महत्वपूर्ण काम हैं, जैसे जंगल में जानवरों तक पानी और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाना, जंगल में गश्त, गश्त वाहन की ड्राइविंग, अधिकारियों के वाहनों की ड्राइविंग और वन क्षेत्र की सुरक्षा सहित अन्य ऐसे महत्वपूर्ण कार्य जिनको करते समय हमेशा चुनौतियां आती रहती हैं। ऐसे में कर्मचारी लंबे समय से अपनी सुरक्षा के लिए खाकी वर्दी की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सिविल ड्रेस में लोग कई बार मारपीट कर देते हैं। कोई निर्देश देने पर भी लोग उसका पालन नहीं करते हैं। ऐसे में खाकी वर्दी सुरक्षा का अहसास कराती है। स्थाई कर्मी लगभग तीन दशक से खाकी वर्दी की मांग कर रहे हैं। विभाग द्वारा तीन दशक बाद वर्दी की मांग तो मानी गई, लेकिन इस दौरान कर्मचारियों को ऑलिव ग्रीन कलर की वर्दी देने के आदेश जारी किए गए हैं, जिसका कर्मचारी विरोध कर रहे हैं।

इस कारण मांग रहे हैं खाकी वर्दी :

1. खाकी वर्दी का प्रयोग पुलिस करती है। ऐसे में वाहन चलाते समय, गश्त के दौरान और पहरेदारी के समय लोग कम वाद विवाद करते हैं।

2. पुलिस के अलावा फायर ब्रिगेड, आरटीओ और अन्य विभागों के कर्मचारी भी खाकी वर्दी पहनते हैं।

3. खाकी वर्दी पर दाग, धब्बे और धूल के निशान भी कम दिखते हैं। इस कारण इसे प्रतिदिन साफ करने के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी।

इस कारण विरोध कर रहे कर्मचारी :
मप्र कर्मचारी मंच के प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडेय बताते हैं कि सबसे पहले खाकी वर्दी की मांग भोपाल सहित पूरे प्रदेश के कर्मचारी कर रहे हैं। ऐसे में भोपाल स्थित वन विभाग मुख्यालय ने केवल एक वन वृत के स्थाई कर्मियों को वर्दी दिए जाने के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश में जबलपुर फॉरेस्ट सर्किल के केवल 488 स्थाई कर्मी ही वर्दी पहन सकेंगे। इन कर्मचारियों को भी ऑलिव ग्रीन वर्दी देने के आदेश हैं। ऐसे में भविष्य में अन्य फॉरेस्ट सर्किल के कर्मचारियों को वर्दी मिली तो ऑलिव ग्रीन कलर की ही मिलेगी। इसका कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें भी पुलिस की तरह खाकी वर्दी दी जाए। ऐसे में मप्र कर्मचारी मंच ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) को ज्ञापन देकर भोपाल सहित पूरे प्रदेश के पांच हजार स्थाई कर्मियों को खाकी वर्दी देने की मांग की है। कर्मचारियों के अनुसार यदि मांग नहीं मानी गई तो अपर मुख्य सचिव वन को ज्ञापन दिया जाएगा।

हो चुकी हैं घटनाएं :

1. चंदनपुरा स्थित मदर बुल फार्म के पास स्थित फॉरेस्ट चौकी के पास पिछले साल सिविल में वन कर्मचारियों ने एक महिला को रात के समय टाइगर मूवमेंट एरिया में जाने से रोका तो उसने बेरिकेड को उड़ा दिया था।

2. मदर बुल फार्म पर फॉरेस्ट चौकी पर हुई एक अन्य घटना में रात के समय ट्रैक्टर ट्रॉली चालक ने बेरिकेड को उड़ाया था। इस घटना के दौरान भी कर्मचारी सिविल ड्रेस में थे।

3. जानवरों के पानी सप्लाई में लगे टैंकर का चालक के साथ कई बार लोग बदसलूकी कर देते हैं। वाहन चालक हमेशा सिविल ड्रेस में ही रहता है।

4. वरिष्ठ अधिकारियों के ड्राइवर के साथ भी कई बार पार्किंग और सड़क पर वाद विवाद की स्थिति बनती है। ऐसे में यदि खाकी वर्दी हो तो कर्मचारियों की कई परेशानियां स्वत: ही खत्म हो जाएंगी।

Updated On 18 Dec 2023 5:01 PM GMT
Harabhara Vatan

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