लिवर में हुए एक इन्फेक्शन के कारण मैं लंबे समय से परेशान रही। बाद में एक माइनर ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने खेलने से मना कर दिया। इस कारण 21 साल एथलेटिक्स खेलने से दूर रही। अब वापसी की है।

भोपाल। लिवर में हुए एक इन्फेक्शन के कारण मैं लंबे समय से परेशान रही। बाद में एक माइनर ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने खेलने से मना कर दिया। इस कारण 21 साल एथलेटिक्स खेलने से दूर रही। अब वापसी की है, तो दो साल में लगातार 8 नेशनल मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है और जल्दी ही अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में देश का नाम रोशन करूंगी। यह कहना है कि 49 वर्षीय निर्मला पाटिल का, जो भोपाल आईटीआई में पिछले 12 साल से सहायक ग्रेड 2 के पद पर काम कर रही हैं। निर्मला बताती हैं कि उन्होंने बतौर एथलीट यूनिवर्सिटी लेवल के गेम्स में कई मेडल जीते थे। इस दौरान स्पोर्ट्स कोटे में टेक्निकल एजकेशन डिपार्टमेंट में नौकरी भी लग गई, लेकिन बीमारी की वजह से खेल से दूर होना पड़ा। इस दौरान 21 साल खेल से दूर रही, लेकिन मन हमेशा खेल में ही लगा रहता था। 5 अप्रैल 1973 को बालाघाट के खेड़ी में जन्मी निर्मला ने 9 नवंबर 1998 को जबलपुर स्थित कौशल संचालनालय में नौकरी ज्वॉइन की थी। इसके बाद वे सिर्फ दो साल ही खेल सकीं।

5000 मीटर पैदल चाल में जीते एक और दो सिल्वर :
निर्मला बताती हैं कि दो साल पहले उन्होंने खेलो में फिर से वापसी की। सबसे पहले 2021 में हरियाणा में हुए ऑल इंडिया सिविल सर्विसेस गेम्स में पहुंची यहां मेडल नहीं मिला। इसके बाद मई 2022 तिरुअनंतपुरम में हुए नेशनल मास्टर्स में एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीते। यहां 5000 मीटर पैदल चाल में पहले स्थान पर रहकर गोल्ड मेडल जीता। 400 मीटर बाधा दौड़ में एक सिल्वर मेडल जीता। रविवार को पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर में खत्म हुई इंडिया मास्टर्स एथलीट्स मीट्स में 5000 मीटर पैदल चाल में गोल्ड मेडल जीता। इन उपलब्धियों को देखते हुए अजाक्स ने उन्हें महिला विंग का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। इसके साथ ही मिदनापुर में 10 किमी दौड़ और 1500 मीटर दौड़ में दूसरे स्थान पर रहीं। इस चैंपियनशिप में श्रीलंका, बांग्लादेश एवं नेपाल के भी एथलीट्स शामिल हुए। अब जापान में होने वाली वाले अंतरराष्ट्रीय मास्टर गेम्स में वे देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

Updated On 13 Sep 2023 3:41 PM GMT
Harabhara Vatan

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