शहर के कई क्षेत्रों में सीवेज अब भी आम लोगों के लिए एक बड़ी समस्या है। इसका खुलासा सीएम हेल्पलाइन के ताजा आंकड़ों से हो रहा है। शहर में सबसे ज्यादा लंबित शिकायतें राजस्व विभाग की हैं

भोपाल। शहर के कई क्षेत्रों में सीवेज अब भी आम लोगों के लिए एक बड़ी समस्या है। इसका खुलासा सीएम हेल्पलाइन के ताजा आंकड़ों से हो रहा है। नए आंकड़ों पर गौर करें, तो शहर में सबसे ज्यादा लंबित शिकायतें राजस्व विभाग की हैं, इसके बाद संस्थागत वित्त और पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की हैं। इन तीनों के बाद आम लोगों को सबसे ज्यादा शिकायतें शहर की टूटी हुई और खुली सीवेज लाइन से हैं। वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली व महिला एवं बाल विकास विभाग में होने वाली अनियमितताओं को लेकर भी लोगों ने 100 से ज्यादा शिकायतें की हैं। इसके अलावा रिजल्ट व फीस सहित अन्य समस्याओं को लेकर छात्रों ने 11 निजी व शासकीय विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों की शिकायतें की हैं। इसके अलावा महिलाओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग की अनियमितताओं को लेकर 147 शिकायतें दर्ज कराई हैं। प्रसूताओं को समय पर चिकित्सीय सुविधा व एंबुलेंस सहित अन्य संसाधनों के उपलब्ध न होने की 110 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर लंबित हैं।

इन पांच उप विभागों की सबसे ज्यादा शिकायतें :

1. राजस्व विभाग : 425

2. संस्थागत वित्त : 363

3. पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग : 349

4. सीवेज नगर निगम : 317

5. पुलिस : 217

मार्कशीट और फीस को लेकर छात्र भी दर्ज करवा रहे शिकायतें :
मार्कशीट में विसंगति और समय पर डॉक्यूमेंट्स न मिलने सहित अन्य परेशानियों को लेकर छात्रों ने बरकतउल्ला विवि, भोज मुक्त विवि, अटल बिहारी विवि और शासकीय होम्योपैथिक विवि के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। छात्राें ने सबसे ज्यादा शिकायतें भोज मुक्त विवि (58) की हैं, इसके बाद बरकतउल्ला विवि (58), पत्रकारिता विवि (24), अटलबिहारी विवि (11), शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय (2) और होम्योपैथिक विवि (2) के छात्रों ने की हैं। भोपाल के एक छात्र ने जबलपुर यूनिवर्सिटी और एक छात्र ने चित्रकूट ग्रामोदय विवि को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा चार निजी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी समस्याओं को लेकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें पीपुल्स मेडिकल यूनिवर्सिटी में समस्याओं का समाधान न होने पर चार छात्रों ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। इनके अलावा एमपी स्टेट फार्मेसी काउंसिल की 71, लोक शिक्षण संचालनालय की 37, तकनीकी शिक्षा विभाग की 32, उच्च शिक्षा विभाग की 30 और ओपन स्कूल की भी दो शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर अब भी लंबित हैं।

Harabhara Vatan

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