खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने किसी भी तरह की खाद्य सामग्री को बेचने और उसका संग्रहण करने के लिए खाद्य लाइसेंस को अनिवार्य कर दिया है।

भोपाल। अब बिना खाद्य लाइसेंस के दुकानदार होटल, रेस्टोरेंट या किराने की दुकान का संचालन नहीं कर सकेंगे। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने किसी भी तरह की खाद्य सामग्री को बेचने और उसका संग्रहण करने के लिए खाद्य लाइसेंस को अनिवार्य कर दिया है। यदि कारोबारी बिना खाद्य लाइसेंस के कारोबार करते पकड़े जाते हैं, तो उन्हें 6 माह की जेल और 5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। बता दें कि पहले बिना रजिस्ट्रेशन के खाद्य कारोबार करने पर अधिकतम 2 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान था। जिसे अब प्रशासन द्वारा बढ़ा दिया गया है। कारोबारियों को लाइसेंस के लिए एमपी ऑनलाइन पर जाकर आवेदन करना होगा।

इन्हें अनिवार्य रूप से लेना होगा खाद्य लाइसेंस :
ऐसे कारोबारी जो मुख्य रूप से दूध, किराने की दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, फल, सब्जी, पानीपुरी, चाट, पोहा, समोसा-कचौड़ी की दुकान का संचालन करते हैं या ठेला लगाते हैं। इसके अलावा पान गुमठी, किसी भी तरह की नाश्ते की दुकान या ठेला, चाय कॉफी, टिफिन सेंटर, ट्रांसपोर्टर, राशन दुकानें, वेयरहाउस, केटर्स, शासकीय, अशासकीय संस्थानों में संचालित कैंटीन और सभी खाद्य कारोबारी और व्यापारी जो खाने-पीने से सम्बंधित सामग्री का निर्माण, भंडारण, परिवहन तथा विक्रय करते हैं। उन सभी को खाद्य लाइसेंस का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।

दो कैटेगिरी में होंगे रजिस्ट्रेशन :

1. सालाना 12 लाख रुपए से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारी जिनका उत्पादन प्रतिदिन एक मैट्रिक टन से अधिक है। उन्हें रजिस्ट्रेशन के लिए प्रतिवर्ष 2 हजार से 5 हजार रुपए तक देना होंगे। रजिस्ट्रेशन के लिए पहचान पत्र, गुमास्ता, किरायानामा, रजिस्ट्री, बिजली बिल को भी जमा करना होगा।

2. सलाना 12 लाख से कम टर्नओवर वाले व्यापारी, जिनका उत्पादन प्रतिदिन एक मैट्रिक टन से कम है। वे प्रतिवर्ष 100 रुपए के हिसाब से पांच सालों के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए कारोबारी को पहचान पत्र, नवीन पासपोर्ट साईज फोटो और पोर्टल चार्ज शुल्क देना होगा।

Harabhara Vatan

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