जनसुनवाई के दौरान दो अलग अलग मामलों में राजस्व निरीक्षक और पटवारी द्वारा रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है।

भोपाल। जनसुनवाई के दौरान दो अलग अलग मामलों में राजस्व निरीक्षक और पटवारी द्वारा रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। पहले मामले में तहसील हुजूर के ग्राम गढ़मुर्रा निवासी प्रदीपदास ने कलेक्टर को दिए लिखित आवेदन में शिकायत की है कि राजस्व निरीक्षक कुंवरलाल कुशवाहा ने ग्राम बालमपुर स्थित 1.052 हेक्टेयर और 4.208 हेक्टेयर भूमि का बटान करने के लिए 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत की राशि न देने पर आरआई द्वारा कृषि भूमि में बटान नहीं डाली जा रही है, जिसके कारण पीड़ित को मानसिक परेशानी से गुजरना पड़ रहा है।

भू अधिकारी और ऋण पुस्तिका बनाने मांगे 10 हजार :
एक अन्य मामले में उत्तर प्रदेश निवासी रशीद खान ने शिकायत की है कि तहसील हुजूर स्थित जगदीशपुर में उन्होंने अपने बेटे सलमान खान से जगदीशपुर स्थित 0.101 हेक्टेयर जमीन खरीदी है। इस जमीन का नामांतरण भी हो चुका है, लेकिन पटवारी योगेंद्र सक्सेना द्वारा 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। पैसे न देने की स्थिति में पिछले चार सालों से भू अधिकारी और ऋण पुस्तिका बनाने और कम्प्यूटर रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज करने का काम नहीं हो पा रहा है। इस मामले में जब पीड़ित ने पटवारी से संपर्क किया तो पटवारी का कहना था कि तहसीलदार और एसडीएम को भी पैसे देने पड़ते हैं। इस कारण कार्य अटका हुआ है। दोनों ही मामलों में कलेक्टर आशीष सिंह ने एसडीएम हुजूर आशुतोष शर्मा को मामले की जांच सौंपी है।


जरूरतमंदों को दी 81 हजार रुपए की सहायता राशि :
भोपाल। दिव्यांग मजदूर ज्योति रजक बेटियों की फीस भरने के लिए कई महीनों से परेशान हो रही थी। मंगलवार को ज्योति ने जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर आशीष सिंह से मदद की गुहार लगाई। कलेक्टर ने ज्योति की पीड़ा सुनने के बाद तत्काल 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। इसके अलावा सड़क दुर्घटना में अपने माता पिता को खो चुके बालक अभि राय के पास भी फीस भरने की राशि नहीं थी। कलेक्टर ने अभि को रेडक्रॉस मद से 10 हजार की आर्थिक सहायता दी है। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने कुल 81 हजार की सहायता राशि स्वीकृत की। करीब 128 प्रकरणों की सुनवाई करते हुए अधिक बिजली बिल वाले मामलों में बिजली कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिलों में सुधार कर उपभोक्ताओं को दिए जाएं।
इसी तरह नाजीर हसन को फीस के लिए 6 हजार, पूजा श्रीवास्तव को फीस के लिए 25 हजार, आर्थिक रूप से कमजोर और बेरोजगार गिरीश मिश्रा को उनकी बेटी की पढ़ाई के लिए 25 हजार की आर्थिक सहायता दें। मिश्रा की बेटी कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं में 96 प्रतिशत अंक हासिल कर चुकी हैं और 10वीं में टॉप कर चुकी हैं। वर्तमान में मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी की थर्ड ईयर की छात्रा हैं।

Updated On 13 Sep 2023 8:11 AM GMT
Harabhara Vatan

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