- वर्तमान में शहर की आधी से ज्यादा आबादी की प्यास बुझा रहा है कोलार डैम - डैम के आसपास रोकने होंगे निर्माण कार्य, सघन पौधरोपण करने से सुधरेगी पानी की गुणवत्ता

हराभरा वतन, भोपाल। बड़े तालाब की जगह अब कोलार डैम शहर की लाइफ लाइन है। जहां बड़े तालाब का पानी अब सीधे पीने लायक नहीं रहा है, ऐसे में शहर की प्यास बुझाने की जिम्मेदारी कोलार डैम पर आ गई है। वर्तमान में शहर की 50 फीसदी आबादी को कोलार जल की सप्लाई हो रही है, लेकिन वर्तमान में बड़े तालाब की तरह कोलार डैम के आसपास भी अतिक्रमण होना शुरू हो गए हैं। ऐसे में इन अवैध निर्माणों पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दो दशक बाद इसका पानी भी पीने लायक नहीं रहेगा। वर्तमान में कोलार डैम के आसपास फार्म हाउस की आड़ में होटल और रिजॉर्ट का निर्माण चल रहा है। भविष्य में यहां से निकलने वाले सीवेज के कारण डैम का पानी प्रदूषित होगा।

बी कैटेगिरी का है कोलार का पानी :
पर्यावरणविद डॉ. सुभाष सी पांडेय बताते हैं कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल (सीपीसीबी) के अनुसार वर्तमान में कोलार का पानी बी कैटेगिरी का है। जबकि बड़े तालाब और कलियासोत डैम का पानी सी कैटेगिरी का है। डॉ. पांडेय के अनुसार वर्तमान में सबसे पहली प्राथमिकता केरवा, कोलार, कलियासोत और बड़े तालाब के पानी की गुणवत्ता को सुधारना है। सबसे ज्यादा मेहनत कोलार डैम के पानी की गुणवत्ता को सुधारने पर किया जाए, क्योंकि भोपाल की आधी आबादी को कोलार जल सप्लाई हो रहा है।

ऐसे समझें कैटेगिरी के आधार पर पानी की उपयोगिता :

ए कैटेगिरी :
यह पानी सर्वोत्तम होता है। इस पानी को जलस्रोत से सीधे पी सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ नदियों का पानी ए कैटिगिरी का होता है।

बी कैटेगिरी : यह पानी कम प्रदूषित होता है। घर पर फिल्टर करने के बाद पी सकते हैं। कोलार डैम का पानी बी कैटिगिरी का है।

सी कैटेगिरी : इस पानी को पीने से पहले इसे उपचारित करना जरूरी होता है। अन्यथा पेट से जुड़े रोग हो सकते हैं।

डी कैटेगिरी : इस पानी का उपयोग वाहन धोने और साफ सफाई के लिए ही कर सकते हैं। इससे नहाने से भी बीमार हो सकते हैं।

ई कैटेगिरी : यह पानी किसी भी तरह से उपयोग नहीं हो सकता है। लगातार उपयोग करने पर गंभीर त्वचा रोग उत्पन्न कर सकता है।

इस तरह सुधर सकती है पानी की गुणवत्ता :

- जलस्रोतों के आसपास सघन पौधारोपण हो, जिससे घना जंगल तैयार हो। इससे ताजे पानी की मछलियां बढ़ेंगी, जो पानी को साफ रखेंगी।

- कोलार डैम के आसपास हो रहे अतिक्रमणों पर रोक लगाकर अवैध निर्माणों को हटाया जाए। - डैम में मछली पालन पर रोक लगाई जाए।

- किसी भी तरह के निर्माण से पहले वन विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य हो।

- मोटर बोट का संचालन पूरी तरीके से प्रतिबंधित किया जाए।

कोलार डैम के आसपास बड़े पैमाने पर रिजॉर्ट और होटल बनाकर व्यवसायिक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी है। इससे कहीं न कहीं कोलार डैम के प्रदूषित होने का खतरा है।

- राशिद नूर खान, पर्यावरण कार्यकर्ता

पहले ही बड़े तालाब को प्रदूषित कर दिया गया है। अब कोलार डैम को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

- डॉ. सुभाष सी पांडेय, पर्यावरणविद

Harabhara Vatan

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