नगर वन में भ्रमण के लिए आम लोगों के लिए 50 रुपए की एंट्री फीस तय की गई थी। इसके अलावा रोजाना जॉगिंग के लिए आने वालों को मंथली पास की सुविधा भी देने की बात कही गई है।

भोपाल। चंदनपुरा स्थित नगर वन लोकार्पण के चार माह बाद भी आम लोगों के लिए नहीं खुल सका है। विधानसभा चुनाव के पूर्व 11 सितंबर को पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने तत्कालीन वनमंत्री विजय शाह और वन राज्य मंत्री राहुल लोधी की उपस्थिति में वन भवन से इसका वर्चुअली लोकार्पण किया था। तब अधिकारियों ने दावा किया था कि नगर वन का 90 फीसदी काम पूरा हो गया है और नवंबर माह में यहां आम लोग भी यहां से भ्रमण कर सकेंगे, लेकिन वर्तमान में यहां जॉगिंग ट्रैक सहित अन्य कार्य नहीं हो सके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि लाेग 6 माह बाद भी यहां पर जॉगिंग और मॉर्निंग वॉक नहीं कर सकेंगे। नगर वन के अंदर पौधरोपण सहित अन्य काम कराने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि कुछ जगहों पर ट्रैक का काम बाकी है। वह जल्दी ही पूरा हो भी जाता है, तो यहां कुछ काम और बचे हैं। वर्तमान में यहां पर टाइग्रेस टी-123 और उसके शावकों का मूवमेंट है। यह भी एक कारण हो सकता है कि इसे आम लोगों के लिए नहीं खोला जा रहा हो।

बार बार टला लोकार्पण, नहीं पहुंचे केंद्रीय वन मंत्री :
आम लोगों के लिए खोले जाने से पहले नगर वन का लोकार्पण भी चर्चा में रहा था। पहले केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव नगर वन का लोकार्पण करने वाले थे, लेकिन 1 सितंबर से 10 सितंबर के बीच तीन बार लोकार्पण कार्यक्रम टला। 11 सितंबर को केंद्रीय मंत्री यादव के न पहुंचने के कारण सीएम शिवराज सिंह चौहान ने वर्चुअली ही वन भवन से इसका लोकार्पण किया। इस दौरान वन भवन के मुख्य द्वार को दो बार फूलों से सजाया गया था, लेकिन इस दौरान नगर वन के द्वार तक भी न तो सीएम पहुंचे और न ही कोई अन्य अधिकारी।

बाघ को रोकने लगाई गई है 12 फीट ऊंची जाली :
50 हेक्टेयर में फैले नगर वन में बाघ का प्रवेश रोकने के लिए 12 फीट ऊंची जाली लगाई गई है। वन विभाग का दावा है कि यहां पर लोग बिना किसी डर के भ्रमण कर सकेंगे। इसके अलावा यहां 300 प्रजातियों के पेड़ पौधे लगाए गए हैं और अंदर प्रदूषण को रोकने यहां वाहनों का प्रवेश भी पूरी तरह से प्रतिबंधित है। दावा था कि नगर वन के अंदर लोगों को वन में भ्रमण करने का अहसास होगा। इसके लिए लाेगों को अपने वाहन बाहर ही खड़े करने होंगो और पार्क के अंदर पैदल भ्रमण करना होगा।

अब तक तय नहीं हो सकी एंट्री फीस :
नगर वन में भ्रमण के लिए आम लोगों के लिए 50 रुपए की एंट्री फीस तय की गई थी। इसके अलावा रोजाना जॉगिंग के लिए आने वालों को मंथली पास की सुविधा भी देने की बात कही गई है। अंदर लगभग 300 प्रजातियों के 50 हजार पौधे हैं, जिनकी पास क्यू आर कोड लगा है। जिसे स्कैन कर पौधे की सारी जानकारी लोगों के सेल फोन पर आ जाएगी।

यह भी रहेगा खास :

- लोग प्रकृति को नजदीक से जान सकें। इसलिए यहां चीटियों और दीमक की कॉलोनियों विकसित की गई हैं, जिसे पैदल चलते हुए लोग देख सकेंगे।

- यहां तितलियों की विभिन्न प्रजातियों को लोग नजदीक से देख सकेंगे। इसके लिए यहां पर बटरफ्लाई पार्क बनाया गया है।

- पतझड़ वन भी यहां का विशेष आकर्षण है, जहां लोग भ्रमण कर सकेंगे।

- यहां एक छोटा सा तालाब बनाया गया है। यहां पर मछलियों और बतख को छोड़ा गया है। भविष्य में प्रवासी पक्षी यहां प्रवेश कर सकेंगे।

- आराम करने के लिए छोटी छोटी झोपड़ियां बनाई गई हैं, इन्हें पेड़ों की प्रजातियों के आधार पर नाम दिए गए हैं।

Harabhara Vatan

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