सभी वन्य प्राणी एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भोपाल भेजे जा रहे हैं। इन सभी जानवरों के बदले वन विहार से बाघ और तेंदुए का एक जोड़ा इंदिरा गांधी जूलॉजिकल पार्क भेजा जाएगा।

भोपाल। विशाखापट्‌टनम के इंदिरा गांधी जूलॉजिकल पार्क से विभिन्न वन्य प्राणियों के जोड़े वन विहार पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। संभवत: 15 मार्च से पहले बायसन, लकड़बग्घा, जंगली कुत्ते, भेड़िया और अन्य जंगली जानवरों के जोड़े विशाखापट्‌टनम से वन विहार पहुंच जाएंगे। वन विहार प्रबंधन ने इनके लिए बाड़े तैयार करना भी शुरू कर दिए हैं। बता दें कि यह सभी वन्य प्राणी एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भोपाल भेजे जा रहे हैं। इन सभी जानवरों के बदले वन विहार से बाघ और तेंदुए का एक जोड़ा इंदिरा गांधी जूलॉजिकल पार्क भेजा जाएगा। बता दें कि वन विहार में लंबे समय से जेब्रा और जिराफ को एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भोपाल लाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन सफलता न मिलने के बाद अब विभिन्न प्रजातियों के अलग वन्य प्राणी भोपाल लाए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। बता दें कि मप्र के किसी भी राष्ट्रीय उद्यान में हो रहा यह पहला एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम है।

इस तरह हो रही जानवरों की अदला बदली :
सेंट्रल जू अथॉरिटी से मंजूरी मिलने के बाद वन विहार से एसडीओ और पशु चिकित्सकों सहित अन्य लोगों की एक टीम विशाखापट्‌टनम के इंदिरा गांधी जूलॉजिकल पार्क गई थी। यहां जानवराें का चिकित्सीय परिक्षण करने के बाद अदला बदली पर सहमति दी गई। इसी के साथ विशाखापट्‌टनम से भी एक टीम ने भोपाल आकर बाघ और तेंदुए के स्वास्थ्य का परिक्षण किया था।




कई प्रयासों के बाद मिली सफलता :
वन विहार को जेब्रा और जिराफ न मिलने के बाद पार्क प्रबंधन द्वारा बायसन की संख्या बढ़ाने के लिए गाेवा के बोंडला चिड़ियाघर को पत्र लिखा गया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद प्रबंधन ने विशाखापट्‌टनम स्थित जू को पत्र लिखकर भारतीय प्रजाति के गौर (बायसन) और वुल्फ को एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत देने की मांग की। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद प्रबंधन ने वन्य प्राणियों के एक्सचेंज के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। गाैरतलब है कि इसके पहले नेशनल पार्क द्वारा पुणे कोलकाता और मैसूर चिड़ियाघर से जेब्रा-जिराफ के एक्सचेंज के लिए संपर्क किया गया था। बायसन के लिए गोवा के बोंडला जू से संपर्क किया गया था लेकिन अंत में सफलता हाथ नहीं लगी।

वन विहार को जल्दी ही विशाखापट्‌टनम से गौर, भारतीय भेड़िए, जंगली कुत्ते और लकड़बग्गे सहित अन्य वन्य प्राणी मिलने वाले हैं। वन विहार द्वारा उन्हें बाघ और तेंदुए का एक-एक जोड़ा दिया जाएगा।

- एसके सिन्हा, एडिशनल डायरेक्टर
वन विहार नेशनल पार्क

Harabhara Vatan

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