वे अपने मताधिकार से वंचित हो गए हैं। ऐसे में मप्र कांग्रेस कमेटी ने मप्र चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि ऐसे कर्मचारी जो चुनाव में मतदान नहीं कर पाए हैं।

भोपाल। भोपाल सहित पूरे मध्य प्रदेश में शुक्रवार को संपन्न हुए चुनाव में कई शासकीय कर्मचारी जिनमें अतिथि शिक्षक, पुलिसकर्मी व अन्य ऐसे कर्मचारी जिन्हें चुनाव ड्यूटी के कारण मतदान करने का अवसर नहीं मिला। वे अपने मताधिकार से वंचित हो गए हैं। ऐसे में मप्र कांग्रेस कमेटी ने मप्र चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि ऐसे कर्मचारी जो चुनाव में मतदान नहीं कर पाए हैं। उन्हें पोस्टल वोट जारी कर मतदान का अवसर दिया जाए।

चुनावी ड्यूटी के कारण नहीं कर पाए मतदान :
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात सौंपे एक शिकायती आवेदन में मांग की है कि वंचित कर्मचारियों को पोस्टल वोट जारी कर मतदान करने का अवसर दिया जाए। सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि पीसीसी को कई विधानसभा से शिकायतें मिली हैं कि शासकीय कर्मचारियों को आनन-फानन में रातों, रात ड्यूटी पर तैनात किया गया, उन्हें पोस्टल वोट का विकल्प ही नहीं दिया गया और चुनाव ड्यूटी के दौरान स्थान ना छोड़ पाने के कारण वे मतदान से वंचित कर दिया गया।

अतिथि शिक्षकों को भी अचानक ड्यूटी पर भेजा :
कांग्रेस नेता वर्मा ने बताया कि जिन कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया गया, उन्हें वोटिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई। हजारों की संख्या में ऐसे कर्मचारियों ने पीसीसी को शिकायत की है कि वे अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाए। मुख्य रूप से अतिथि शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी पर तैनात किया गया। वहीं उन्हें पोस्टल वोट का विकल्प नहीं दिया गया। ऐसे में कांग्रेस ने अचानक चुनाव ड्यूटी पर तैनात हुए कर्मचारियों को पोस्टल वोट जारी कर मतदान करने की मांग की है।

Harabhara Vatan

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