विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की 144 प्रत्याशियों की पहली सूची ने पार्टी में असंतोष के स्वर बुलंद कर दिए हैं। नाम न आने के कारण कई नेताओं ने पार्टी छोडऩे और सबक सिखाने तक की धमकी दी है।

भोपाल। विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की 144 प्रत्याशियों की पहली सूची ने पार्टी में असंतोष के स्वर बुलंद कर दिए हैं। नाम न आने के कारण कई नेताओं ने पार्टी छोडऩे और सबक सिखाने तक की धमकी दी है। इस स्थिति से निपटने प्रदेश कांग्रेस संगठन, प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित अन्य नेताओं ने डेमेज कंट्रोल के लिए काम शुरू किया। बता दें कि पहली सूची जारी होते ही टिकट न मिलने से नाराज कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अजय यादव ने बगावत का बिगुल फूंक दिया। यादव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए पार्टी पर पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। टीकमगढ़ से तीन सामान्य उ मीदवारों को टिकट दिया गया है। जबकि यादव का कहना है कि यहां 70 फीसदी आबादी ओबीसी वर्ग की है। इसी को कारण बताते हुए यादव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। गौरतलब है कि नवरात्रि के पहले दिन कांग्रेस ने 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। थोड़ी देर बाद ही पार्टी के अंदर बवाल मच गया। टिकट की आस लगाए बैठे नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ गई।

यहां से भी आए नाराजगी के सुर :
यादव के बाद ग्वालियर कांग्रेस नेता केदार कंसाना ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। कंसाना ने सोशल मीडिया पर दर्द बयां करते हुए लिखा- आज मन बहुत दुखी है, 30 साल कांग्रेस पार्टी में वफादारी से रहा, आज ग्वालियर ग्रामीण का निर्णय आया है तो ऐसा लगता है वफादारी की कोई कीमत नहीं है सिर्फ धोखा करो पार्टी में उच्च स्थान पाओ, इसलिए कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक संस्था से इस्तीफा देता हूं। कांग्रेस ने इस सीट से बसपा से कांग्रेस में वापसी करने वाले साहब सिंह गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा सागर जिले की नरयावली सीट से कांग्रेस के सुरेन्द्र चैधरी को टिकट दिए जाने के बाद यहां भी बगावत शुरु हो गई है। यहां से टिकट मांग रहीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य शारदा खटीक ने भी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने की बात कही है।

Updated On 18 Oct 2023 8:52 AM GMT
Harabhara Vatan

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