कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव के बाद सीएम शिवराज को राष्ट्रीय राजनीति की बड़ी कमान दी जा सकती है और उन्हें संगठन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद सौंपकर भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने का दायित्व सौंपा जा सकता है।

नई दिल्ली। तीन दिसंबर को मप्र विधानसभा चुनाव के परिणाम के पूर्व ही सत्ता के गलियारों में एक और सुगबुगाहट शुरू हो गई है। दरअसल ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव के बाद सीएम शिवराज को राष्ट्रीय राजनीति की बड़ी कमान दी जा सकती है और उन्हें संगठन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद सौंपकर भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने का दायित्व सौंपा जा सकता है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भावी भूमिका की तलाश भाजपा संगठन ने शुरू कर दी है। गौरतलब है कि पिछले दिनों भाजपा के कद्दावर नेता नरेंद्र सिंह तोमर भी बोल चुके हैं कि यदि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं, तो इसमें बुरा क्या है?

संघ के बड़े नेता तक कर चुके हैं इस बयान की पुष्टि :
नरेंद्र सिंह तोमर के पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता भी इस बात की ओर इशारा कर चुके हैं, लेकिन इसी के साथ सत्ता के गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि शिवराज को पहले राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया जाएगा। बाद में उन्हें बड़ी जवाबदारी दी जा सकती है। वर्तमान में पार्टी के कई दिग्गज नेता भी चाहते हैं कि शिवराज केंद्र में जाकर देश की राजनीति में काम करें और पार्टी को मजबूत करें।

कौन होगा भाजपा का मुख्यमंत्री, यह भी बड़ा सवाल :
एक और सीएम शिवराज को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जवाबदारी दूसरी ओर पार्टी के दिग्गज नेता नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह पटेल सहित अनेक दिग्गज नेताओं को विधानसभा चुनाव लड़वाने के पीछे माना जा रहा है कि पार्टी जल्दी ही किसी नए चेहरे को सीएम के रूप में प्रोजेक्ट करना चाहती है।

हालांकि ऐसे कई कयास पहले भी लगाए जाते रहे हैं। आखिर में मप्र में पत्ता सीएम शिवराज की मर्जी से ही हिलता है। पूर्व में भी उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में भेजने एमपी का सीएम बदलने जैसी कई बातों को बल दिया गया, लेकिन अंत में सीएम शिवराज ही मप्र की कमान संभालते हुए मिले। ऐसे में आने वाले दिनों में मप्र की राजनीति में क्या होगा? यह तीन दिसंबर के बाद ही पता लगेगा।

Updated On 27 Nov 2023 5:01 PM GMT
Harabhara Vatan

Harabhara Vatan

Next Story