वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जा रही टी-20 सीरीज में पहले दो मैच गंवाने के बाद टीम इंडिया ने फिर से लय प्राप्त कर ली है।

लॉडेरहिल। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जा रही टी-20 सीरीज में पहले दो मैच गंवाने के बाद टीम इंडिया ने फिर से लय प्राप्त कर ली है। वहीं शनिवार को चौथे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक और जीत से सीरीज बराबर की कोशिश करेगी। सूर्यकुमार यादव ने पिछले मैच में अपने आक्रामक रवैये से बल्लेबाजी करते बेहतर था और तिलक वर्मा ने भी अच्छा साथ दिया।

टॉप ऑर्डर बना परेशानी :
टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर का प्रदर्शन इस दौरे में पूरी तरह से लचर रहा है। पिछले मैच में भारत ने ईशान किशन को आराम देकर यशस्वी जायसवाल को मौका दिया गया था। लेकिन तीसरे मैच में भी सलामी जोड़ी फिर प्रभावित नहीं कर पाई और महज 6 रन ही बना सकी। पिछले दो मैचों में किशन और शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए महज 5 और फिर 16 रन बनाए, जिससे मध्यक्रम पर दबाव बन गया था। भारत इस मैच में ईशान की वापसी कराएगा या नहीं, यह देखना होगा। लेकिन टीम प्रबंधन उम्मीद करेगा कि इस करो या मरो के मैच में सलामी बल्लेबाज ज्यादा असरदार प्रदर्शन दिखाएं।

तिलक खेल रहे जिम्मेदारी से :
इस सीरीज में तिलक ने अपने युवा कंधों पर जिम्मेदारी उठाई है। हैदराबाद का यह बायें हाथ का बल्लेबाज 39 (22 गेंद), 51 (41 गेंद) और 49 (37 गेंद) की पारियां खेलकर अपने कॅरिअर में बड़े मंच के लिए तैयार है। वहीं पिछले मैच में जीत के बाद सूर्यकुमार ने मुंबई इंडियंस के अपने साथी तिलक के बारे में बात करते हुए कहा, हम अब काफी लंबे समय से एक साथ बल्लेबाजी कर रहे हैं। हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं। वह काफी आत्मविश्वास से बल्लेबाजी कर रहे हैं और उन्होंने मुझे भी बल्लेबाजी करने में मदद की।

पूरन के तूफान को कुलदीप रोका :
वेस्टइंडीज के बल्लेबाज निकोलस पूरन इस पूरी सीरीज में टीम इंडिया के लिए खतरा बने हुए हैं। लेकिन तीसरे मुकाबले में कुलदीप ने पूरन को लय में आने से पहले ही डगआउट में लौटा दिया था। कुलदीप यादव ने तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए टीम में वापसी की थी और उनके प्रदर्शन से निश्चित रूप से भारत के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। वह अंगूठे में सूजन की वजह से दूसरे टी-20 अंतरराष्टीय में नहीं खेले थे। बायें हाथ के इस कलाई के स्पिनर ने चार ओवर में 28 रन देकर तीन विकेट झटके थे।

पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम फायदे में :
मैच के शुरू में यहां की पिच बल्लेबाजों की मदद करती है लेकिन जैसे मैच आगे बढ़ता है, यह अक्सर धीमी पड़ जाती है जिसकी पुष्टि इससे होती है कि पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 13 में से 11 मैचों में जीत हासिल की है। जहां तक वेस्टइंडीज की बात है तो वे 2016 के बाद भारत पर पहली शृंखला जीतने का मौका चूकना नहीं चाहेंगे और बेहतर एकजुट प्रदर्शन करने के लिए प्रयासरत होंगे।

टीमें इस प्रकार हैं

भारत : पांड्या (कप्तान), गिल, जायसवाल, तिलक, सूर्यकुमार, किशन/ संजू (विकेट कीपर), अक्षर, चहल, कुलदीप, बिश्नोई, अर्शदीप, उमरान, आवेश और मुकेश।

वेस्टइंडीज : पॉवेल (कप्तान), मायर्स, होप, चेस, हेटमायर, होल्डर, हुसैन, जोसफ, किंग, मैकॉय, चार्ल्स/पूरन (विकेट कीपर), शेफर्ड, थॉसम, स्मिथ।

Harabhara Vatan

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